शासन के मूल्यांकन प्रभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के मध्य कराए गए सर्वेक्षण में मुख्यमंत्री आवास योजना के सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं।

सर्वे में दावा किया गया है कि पक्का मकान मिलने के बाद सबसे बड़ा बदलाव सुरक्षा के स्तर पर आया है।

84 प्रतिशत लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें सर्दी, गर्मी और बारिश जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा मिल रही है। जबकि 77 प्रतिशत परिवारों ने रहन-सहन और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार की बात कही।

प्रदेश सरकार ने फरवरी 2018 में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत की थी। इसके तहत प्राकृतिक आपदा, कालाजार, वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार, बैगा वर्ग, जेई-एईएस प्रभावित, कुष्ठ रोग प्रभावित परिवारों व प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाता है।

पात्रों में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाओं व अनुसूचित जनजातियों को भी शामिल किया गया है। योजना में अब तक 5.87 लाख से अधिक आश्रयहीन ग्रामीण परिवारों को आवास आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें 1.30 लाख दिव्यांगजन व 72 हजार से अधिक निराश्रित विधवाएं भी शामिल हैं।

मूल्यांकन प्रभाग की रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण में शामिल 1464 परिवारों में से 1457 परिवारों ने माना कि पक्का घर मिलने के बाद उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। आवास मिलने से लोगों के आत्मसम्मान में भी वृद्धि हुई है।

71 प्रतिशत लाभार्थियों ने माना कि पक्का घर मिलने से समाज में उनका सम्मान बढ़ा है और उन्हें सामाजिक बराबरी का अनुभव हो रहा है।

ॉसर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 68 प्रतिशत लाभार्थियों को पहले घरों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के खतरा रहता था, जिससे अब उन्हें राहत मिली है। वहीं 27 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि आवास मिलने के बाद बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है।

सर्वेक्षण को लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अब केवल मकान निर्माण की योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का मजबूत आधार बन चुकी है। पक्की छत ने लाखों परिवारों के जीवन में आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा का नया अध्याय जोड़ा है।

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