विजडम इंडिया।

देहरादून, 13 मई 2026।

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्र बोध कार्यक्रम के अंतर्गत आज “परीक्षा पर चर्चा” कार्यक्रम का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी तनाव से मुक्त कर उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, राष्ट्रप्रेम एवं अनुशासित जीवन मूल्यों का विकास करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड शासन, देहरादून, (डॉ.) विश्वनाथ खाली रहे। उनके आगमन पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) देशदीपक एवं एल.बी.एस. लोकप्रिया हॉस्पिटल की निदेशिका प्रो. (डॉ.) जीवन आशा की विशेष गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रनायकों रास बिहारी बोस एवं श्रीदेव सुमन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) विश्वनाथ खाली ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को परीक्षा को भय का नहीं, बल्कि आत्ममूल्यांकन एवं आत्मविकास का अवसर मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से तनावमुक्त होकर सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन एवं लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा डॉ अतुल कृष्ण जी द्वारा संचालित राष्ट्रबोध व्याख्यान श्रृंखला कराष्ट्र की वास्तविक युवा शक्ति को उसके जागरूक एवं चरित्रवान युवा शक्ति में बदलने का संकल्प है

माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) देशदीपक ने अपने राष्ट्रभक्ति पूर्ण संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नैतिकता, अनुशासन, सेवा भावना एवं राष्ट्रप्रेम का विकास करना है। उन्होंने डॉ अतुल कृष्ण जी के लक्ष्य को बताते हुए विद्यार्थियों को महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि चुनौतियाँ ही व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास एवं धैर्य के साथ परीक्षाओं का सामना करने हेतु प्रेरित किया।

एल.बी.एस. लोकप्रिया हॉस्पिटल की निदेशक प्रो. (डॉ.) जीवन आशा ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर विशेष रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय तनाव स्वाभाविक है, किन्तु उचित दिनचर्या, सकारात्मक सोच एवं आत्मनियंत्रण के माध्यम से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ मानसिकता एवं राष्ट्रहित की भावना के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर डॉ. अतुल कृष्ण द्वारा रचित “राष्ट्र अनुभूति” एवं “उत्तराखंड के क्रांतिकारी” पुस्तकों का विशेष प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इन पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग, बलिदान एवं उत्तराखंड के महान क्रांतिकारियों के प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग विभाग की छात्रा आराधना ने महान स्वतंत्रता सेनानी रास बिहारी बोस के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला, वहीं संस्कृति राणा द्वारा अमर क्रांतिकारी श्री देव सुमन जी के प्रेरणादायी जीवन परिचय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान की भावना को और अधिक सशक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए संस्कृति विभाग के सदस्य एवं विश्वविद्यालय के अकादमिक कोऑर्डिनेटर श्री रमन कृष्ण किमोठी द्वारा प्रस्तुत “आजाद हिंद गान” ने सम्पूर्ण वातावरण को राष्ट्रभक्ति के भाव से गुंजायमान कर दिया।

इस अवसर पर सचिव, संस्कृति विभाग विनय सेमवाल, सदस्य प्रो. नीलिमा चौहान, डीन एकेडमिक्स प्रो. मनमोहन गुप्ता, डीन आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज डॉ. इमरान खान, डीन पैरामेडिकल डॉ. अनिर्बान पात्रा, कार्यक्रम संचालिका मिदत असलम, डॉ. प्रतिभा जुयाल, डॉ. संदीप ध्यानी, डॉ. पुष्पा ध्यानी, प्रो. नितिका कौशल, एनएसएस समन्वयक प्रदीप महारा, कुमारी सपना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

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