
महिंद्रा प्राइड क्लासरूम प्रोग्राम के तहत छात्रों को मिलेगा उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण, सशक्त होंगी रोजगार संभावनाएँ
देहरादून, (संवाददाता):
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण को नई दिशा देते हुए नांदी फाउंडेशन, हैदराबाद के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता महिंद्रा प्राइड क्लासरूम प्रोग्राम के अंतर्गत संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्रों को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन के मार्गदर्शन में संपन्न यह करार छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, सॉफ्ट स्किल्स तथा रोजगार से संबंधित आवश्यक दक्षताओं का व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
डॉ. ऐरन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें बेहतर रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण को पूरी तरह उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में ठोस वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नांदी फाउंडेशन की ओर से ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर तरुण सेन एवं प्रोग्राम मैनेजर अक्षय कुमार की विशेष उपस्थिति रही। वहीं, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार ख़ालिद हसन, डीन एकेडमिक्स डॉ. मनमोहन गुप्ता तथा प्लेसमेंट ऑफिसर श्रीमती उमा बोहरा भी उपस्थित रहे।
संयुक्त रूप से प्रस्तुत विचारों में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नांदी फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी छात्रों के करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। नांदी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी इस सहयोग को शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रभावी पहल बताया।
उल्लेखनीय है कि यह एम.ओ.यू. दोनों संस्थाओं के बीच शिक्षा, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के कैरियर उन्नयन के क्षेत्र में दीर्घकालिक और सुदृढ़ सहयोग का आधार तैयार करेगा।
