होली पर्व पर पटना समेत पूरे बिहार में विशेष चौकसी बरती जा रही है। इस दौरान हुड़दंग करने वाले या सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों पर पुलिस सख्त रहेगी। शांति व्यवस्था बिगाड़ने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। इसको लेकर मुख्य सचिव और डीजीपी ने सभी जिलों के डीएम-एसपी को सख्त निर्देश दिया है।

बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी (विधि व्यवस्था) पंकज दराद ने सोमवार को बताया कि होली और रमजान को देखते हुए पूरी तैयारी की गई है। जिला मुख्यालय के अलावा अनुमंडल स्तर पर भी क्यूआरटी की तैनात रहेगी। बी-सैप, आरपीएफ और अर्द्धसैनिक बलों के साथ ही 30 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की जिलों में तैनाती हुई है।

जिलों ने फरवरी से अब तक 1.33 लाख लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है। वहीं, सीसीए की धारा-3 के तहत 265 लोगों को क्षेत्र या जिला बदर किए जाने का प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है।एडीजी (विधि व्यवस्था) पंकज दराद ने कहा कि किसी भी स्थान पर तेज आवाज में डीजे बजाने खासकर अश्लील गाना बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

होली पर्व के मद्देनजर जिला और अनुमंडल स्तर पर वज्र वाहन, वाटर कैनन और लाठी पुलिसबल के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। सभी जिलों को सोशल मीडिया पर खासतौर से चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष होली के दौरान 50 घटनाएं घटी थी। इसमें सबसे ज्यादा रोहतास में 12, नवादा में 7, पटना में 6, मुंगेर में 2, सीतामढ़ी में 2 समेत अन्य जिलों में घटनाएं हुई थी। इन सभी सथानों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। उन्होंने पंचायत जन प्रतिनिधियों व आम जनता से भी शांति व्यवस्था में सहयोग की अपेक्षा की है।

एडीजी ने बताया कि होली के मौके पर कई जिलों में झूमटा जुलूस निकालने की परंपरा है। इसके मद्देनजर इन जिलों में खासतौर से चौकसी बरती जायेगी। सभी थानों को जुलूस के रूट का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया गया है। बिना लाइसेंस के कोई जुलूस नहीं निकाला जायेगा। पिछले वर्ष गया में 142, नवादा में 81 और अरवल में 12 झूमटा जुलूसों को लाइसेंस दिए गये थे।

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