पहले दो मैचों में बुरी तरह हारने के बाद बैकफुट पर खड़ी मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को होबार्ट में होने वाले तीसरे और अंतिम महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में साख बचानी होगी। भारतीय महिला टीम को अगर जीत हासिल करके अपनी प्रतिष्ठा कुछ हद तक बचानी है तो उसको अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा।

भारतीय टीम पहले दोनों मैच में चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। यह लगातार 12वां अवसर है जबकि भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया से वनडे श्रृंखला गंवाई। असल में भारत अभी तक अपने इस प्रतिद्वंदी से द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीत पाया है।

पहले मैच में भारत ने पावरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे और फिर वापसी नहीं कर पाया। भारतीय टीम ने दूसरे वनडे में पहले विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी करके अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। भारत ने 17वें और 31वें ओवर के बीच सिर्फ 52 रन पर पांच विकेट गंवा दिए। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर उन्हें ध्यान देने की जरूरत है।

पहले वनडे में भारत 214 रन पर आउट हो गया और दूसरे वनडे में नौ विकेट पर 251 रन ही बना पाया। ऑस्ट्रेलिया ने इन दोनों मैच में आसानी से लक्ष्य हासिल किया।

हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अगर क्लीन स्वीप से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अपने खेल में आमूलचूल सुधार करना होगा।

युवा सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल ने पहले मैच में शून्य पर आउट होने के बाद शानदार वापसी करते हुए अर्धशतक बनाया, वहीं स्मृति मंधाना ने दोनों मैचों में क्रमशः 31 और 58 रन बनाए। हरमनप्रीत ने भी दो अर्धशतक जड़े।

लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसी सीनियर बल्लेबाज अभी तक कोई खास योगदान नहीं दे पाए हैं जिससे टीम को नुकसान पहुंचा है।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने दूसरे मैच के बाद कहा, ‘निश्चित रूप से हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। हमने फिर से वही गलतियां दोहराई और विकेट गंवाए। इससे हम पर्याप्त स्कोर नहीं बना पाए। पिछले दो मैच में हम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए और उसका हमें खामियाजा भुगतना पड़ा। उम्मीद है अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’

भारत की गेंदबाजी में भी निरंतरता की कमी दिखी। दीप्ति ने तीन विकेट लिए हैं। श्री चरणी ने पहले मैच में दो विकेट लिए थे, लेकिन दूसरे मैच में वह काफी महंगी साबित हुईं।

काशवी गौतम और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी जोड़ी को अधिक निरंतरता दिखानी होगी और पावरप्ले में ऑस्ट्रेलिया को हावी होने से रोकने के लिए शुरुआत में ही विकेट लेने होंगे।

भारत की फील्डिंग भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिसमें गौड़, मंधाना और ऋचा घोष ने कैच छोड़े।

इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया ने लगभग सभी विभाग में शानदार प्रदर्शन किया है। जॉर्जिया वोल के दमदार शतक और फीबी लिचफील्ड की प्रवाहमय बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में आसानी से लक्ष्य हासिल किया। बेथ मूनी, एलिसा हीली और एनाबेल सदरलैंड ने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था।

मेगन शट और एशले गार्डनर की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण ने भी अपने सामूहिक योगदान से प्रभावित किया है। इन दोनों के अलावा अलाना किंग और सदरलैंड ने भी विकेट लिए हैं।

भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की दो वनडे में जीत ने उसे बहु-प्रारूप वाली श्रृंखला में 6-4 की बढ़त दिला दी है। भारत के इस दौरे विजेता ट्रॉफी हासिल करने वाली टीम का निर्धारण तीनों प्रारूप के कुल अंकों के आधार पर होगा। टी20 और वनडे मैच जीतने पर दो अंक जबकि टेस्ट मैच जीतने पर चार अंक मिलेंगे।

भारत को अंतिम वनडे और उसके बाद पर्थ में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में वापसी करने की कोशिश करनी होगी ताकि दौरे का अंत निराशाजनक तरीके से न हो।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल।

ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलीसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।

समय: मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।

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