विजडम इंडिया।

ग्रेटर नोएडा। आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘बॉर्डरलेस भारत कॉन्क्लेव’ के तहत ‘छात्र संसद’ का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ, जिसमें चार हजार से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में देश और दुनिया की प्रतिष्ठित हस्तियों ने एक साथ मंच साझा किया और युवाओं को नेतृत्व, लोकतंत्र, कूटनीति तथा वैश्विक भारत के विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालकृष्णन, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए. कौसिनो, एमबीए चायवाला के संस्थापक प्रफुल्ल बिल्लोरे, शिया स्कॉलर मौलाना डॉ कल्बे रुशैद रिजवी समेत कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मयंक अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला विशेष आकर्षण के केंद्र रहे।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि धरती की तरह अंतरिक्ष में कोई सीमाएं नहीं होती। आज का युवा बहुत ही काबिल है, सिर्फ उन्हे एक डॉयरेक्शन की जरूरत है। 2047 तक विकसित भारत की बात करते हैं तो यह यूथ ही उसे पूरा करेगा। आज के युवा ही भविष्य के भारत के निर्माता हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के प्रोग्राम के द्वारा छात्रों के बीच हम जो जागरूकता फैला रहे है निश्चित रूप से उनकी बहुत सहायता करेगा। आज के समय में जेन्जी को छोड़कर जेन्जी की हर कोई बात कर रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मयंक अग्रवाल ने कहा कि आईआईएमटी हमेशा से राष्ट्र निर्माण और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि ‘बॉर्डरलेस भारत’ का उद्देश्य युवाओं को सीमाओं से परे सोचने और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को समझने के लिए प्रेरित करना है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालकृष्णन ने कहा, “एक जागरूक और शिक्षित युवा पीढ़ी ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।” वहीं अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए. कौसिनो ने कहा, “देशों की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन विचारों की कोई सीमा नहीं होती। ‘छात्र संसद’ के वहीं संस्थापक कुणाल शर्मा ने और उपाध्यक्ष आदित्य वेग्डा ने मंच से अपने विचार साझा किए। इस दौरान छात्रों ने भी प्रतिष्ठित हस्तियों से कई सवाल किए।

