न्यूमेरेलॉजी यानी अंकशास्त्र में अंकों का विशेष महत्व माना गया है। इस शास्त्र के अनुसार 1 से 9 तक के मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, सोच, व्यवहार और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। मूलांक किसी भी व्यक्ति की जन्मतिथि के अंकों का योग होता है। हर मूलांक का संबंध किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है, जो व्यक्ति के जीवन को दिशा देता है। आज हम उस खास मूलांक के बारे में जानेंगे जिस पर सूर्यदेव की विशेष कृपा मानी जाती है।

अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 1 का संबंध सीधे सूर्य ग्रह से होता है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ होता है, उनका मूलांक 1 माना जाता है। सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, नेतृत्व और सम्मान का कारक माना गया है। ऐसे में मूलांक 1 वाले लोगों पर सूर्यदेव का प्रभाव सबसे अधिक रहता है। इन्हें नियमित रूप से सूर्यदेव की पूजा और अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना गया है।

जो लोग रोज सुबह सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं, उन्हें जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। सबसे पहला लाभ यह होता है कि व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और डर या झिझक धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है। दूसरा बड़ा लाभ करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति के रूप में मिलता है। नौकरी, व्यवसाय या किसी भी प्रोफेशन में सफलता के योग बढ़ते हैं और मान-सम्मान प्राप्त होता है।

तीसरा लाभ यह है कि सूर्यदेव की कृपा से व्यक्ति को समाज में प्रतिष्ठा और सुख-शांति प्राप्त होती है। मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। मूलांक 1 वाले लोगों के लिए यह उपाय बेहद प्रभावी माना जाता है। हालांकि जिन लोगों का मूलांक 1 नहीं है, वे भी सूर्यदेव को अर्घ्य देकर इस उपाय का लाभ उठा सकते हैं। इससे नकारात्मकता कम होती है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं।

सूर्यदेव को अर्घ्य देने की सही विधि भी जान लेना जरूरी है। इसके लिए सुबह सूर्योदय के समय एक तांबे के पात्र में साफ जल लें। इसमें लाल फूल और अक्षत (चावल) मिलाएं। इसके बाद सूर्य की ओर मुख करके जल अर्पित करें। इस दौरान “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। नियमित रूप से यह उपाय करने से जीवन में ऊर्जा, सफलता और संतुलन बना रहता है।

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