विजडम इंडिया।
देहरादून | शनिवार, 17 जनवरी 2026
संघमाता स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर की 69वीं जयंती के अवसर पर डॉ. मुक्ति भटनागर सुभारती स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एंड फैशन डिज़ाइन, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में एमटीवी बौद्ध धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में एक गरिमामय स्मृति, श्रद्धांजलि एवं सांस्कृतिक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, विद्वानों, कलाकारों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

स्वागत संबोधन विभागाध्यक्ष श्री संतोष कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना का आयोजन हुआ। कथक शैली में प्रस्तुत गणेश वंदना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
कॉलेज की भूमिका, उपलब्धियों और फाइन आर्ट्स शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डीन डॉ. रीता तिवारी ने कहा कि यह संस्थान कला को केवल अकादमिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का माध्यम मानता है। स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर के जीवन, उनके अनुशासित व्यक्तित्व, शिक्षा के प्रति समर्पण, कला-साधना और सामाजिक सरोकारों पर डॉ. कृष्णा मूर्ति ने गंभीर एवं भावपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर को संवेदनशील, दूरदर्शी और समाज के लिए मार्गदर्शक व्यक्तित्व बताया।

इस अवसर पर आई टी डिपार्टमेंट द्वारा स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर को समर्पित विशेष वीडियो प्रस्तुति प्रदर्शित की गई, जिसे दर्शकों ने भावुक होकर सराहा। इसके बाद श्री शाहरुख द्वारा प्रस्तुत राम भजन ने सभी को श्रद्धा और संवेदना से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राम कृष्ण गोयल उत्तराखंड रत्न, वरिष्ठ मास्टर फ़ोटोग्राफ़र, ने स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन कला, करुणा और सेवा का अद्भुत संगम था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को केवल दिशा ही नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को मूल्य और दृष्टि भी प्रदान करते हैं।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपने संबोधन में स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर को ज्ञान, संवेदना और मानवीय मूल्यों की सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को बेहतर इंसान बनाना है, और स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर का संपूर्ण जीवन इसी दर्शन का जीवंत उदाहरण रहा है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ शल्या राज ने भी उन्हें कला और मानवीय चेतना की सशक्त संवाहक बताते हुए आयोजन की सराहना की।
एमटीवी बौद्ध धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका इस आयोजन में विशेष रूप से प्रभावशाली रही। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा कि स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर का जीवन सेवा, त्याग, सामाजिक चेतना और नारी सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल था। उन्होंने शिक्षा, कला और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि ट्रस्ट उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारते हुए सामाजिक समरसता और मानव सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है।
ट्रस्ट की संरचना एवं कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि डॉ. शल्या राज, डॉ. रोहित रविंदर, डॉ. कृष्णा मूर्ति सचिव, डॉ. आकांक्षा सिंह एवं कुमारी अवनी कमल संयुक्त रूप से सेवा, वैचारिक प्रतिबद्धता और पारिवारिक एकता के साथ ट्रस्ट के सामाजिक, धार्मिक एवं परोपकारी कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम का कुशल संचालन काजल प्रजापति ने किया, समापन अवसर पर प्रो-वाइस चांसलर डॉ. देश दीपक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इसके पश्चात स्व. डॉ. मुक्ति भटनागर की प्रतिमा का अनावरण किया गया, जो उपस्थितजनों के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी क्षण रहा।
साथ ही कला प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की सृजनात्मक कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का समापन हाई-टी के साथ हुआ।
इस अवसर पर संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डॉ राजेश तिवारी, सचिव विनय, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को शैक्षणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत सफल बताया गया।
कार्यक्रम की सफलता में गीतिका शर्मा, मनोज आनंद, दीपक, अंकुश, आयुष, बदरे आलम, मनु शर्मा एवं शाहरुख के योगदान को विशेष रूप से सराहा गया।
