विजडम इंडिया।

देहरादून, 24 दिसम्बर 2025
महाप्रजापति गौतमी सुभारती बौद्ध अध्ययन विभाग, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से आज होटल क्लेरियन, नंदा की चौकी, में प्रथम पूर्व छात्र मिलन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन विभाग और उसके वैश्विक पूर्व छात्रों के बीच अकादमिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों के सतत संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन रहे। उनके साथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार खालिद हसन एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. पी. के. शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बैच 2022-24 एवं 2023-25 के सभी विदेशी विद्यार्थियों को बौद्ध अध्ययन की स्नातकोतर उपाधियाँ माननीय कुलपति महोदय के कर-कमलों से प्रदान की गईं।

 

 

कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना के साथ हुआ, जिसने सम्पूर्ण वातावरण को शांति, करुणा और मैत्री के भाव से आलोकित कर दिया। स्वागत भाषण में विभागाध्यक्ष प्रो. नीलिमा चौहान ने विभाग की अकादमिक यात्रा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध-उन्मुख शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु की जा रही व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयोजन की समन्वयात्मक रूपरेखा, अतिथि-सत्कार और शैक्षणिक अनुशासन की उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए विभागीय टीम के योगदान को भी सराहा।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो डॉ. हिमांशु ऐरन ने कहा कि “उपाधि-प्रदान का यह क्षण विद्यार्थियों के जीवन का अत्यंत भावनात्मक और आनंददायक पड़ाव होता है।बौद्ध अध्ययन केवल एक अकादमिक विषय नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों—करुणा, अहिंसा, सम्यक दृष्टि और वैश्विक शांति—की साधना है। मुझे विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी इस ज्ञान का उपयोग अपने-अपने देशों और समाजों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए करेंगे।”


उन्होंने विभाग की अंतरराष्ट्रीय पहचान, बहुसांस्कृतिक कक्षा-परिस्थितिकी और शोध-आधारित पाठ्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय की अकादमिक शक्ति बताया।
पूर्व छात्र भंते धमासारा एवं भंते वारामिंडा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सुभारती का बौद्ध अध्ययन विभाग उनके बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का सशक्त मंच रहा है, जहाँ शास्त्रीय अध्ययन के साथ व्यवहारिक जीवन-दृष्टि का संतुलन सिखाया जाता है।
कार्यक्रम में डॉ. सा हतुत सेंडर ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. मनमोहन गुप्ता, प्रो. दीप्ति सोरटे, प्रो. अनिर्बन पात्रा, प्रो. रीता तिवारी, प्रो. इमरान खान, प्रो. शील शुक्ला, प्रो. नरेंद्र सिंह एवं प्रो. विनय सेमवाल सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन भंते चंदावारा द्वारा किया गया।


महाप्रजापति गौतमी सुभारती बौद्ध अध्ययन विभाग बौद्ध दर्शन, इतिहास, पालि/संस्कृत ग्रंथों, तुलनात्मक धर्म-अध्ययन और समकालीन वैश्विक विमर्श को एकीकृत करते हुए विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ मानवीय मूल्यों से जोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता विभाग को वैश्विक संवाद का केंद्र बनाती है, वहीं पूर्व छात्र मिलन जैसे आयोजनों के माध्यम से विभाग ज्ञान-परंपरा को पीढ़ियों तक सशक्त रूप में आगे बढ़ाने का कार्य करता है।

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