देहरादून।

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित केसरीचंद सुभारती इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी में 64वाँ राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सप्ताह 2025 का उद्घाटन सम्मानजनक एवं सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। इस वर्ष का विषय “Pharmacists as Advocates of Vaccination” रखा गया, जिसके माध्यम से टीकाकरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और वैज्ञानिक जागरूकता पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन संस्थान की शैक्षणिक टीम ने किया, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन, ट्रस्ट के महानिदेशक मेजर जनरल डॉ. जी के थपलियाल , प्राचार्य डॉ. लोकश त्यागी, विभागाध्यक्ष श्रीमती ऋचा पुंडीर, उपस्थित रहे।

कुलपति प्रोफेसर डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपने विचार साझा करते हुए टीकाकरण की वैज्ञानिक एवं मानवीय उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण मानव सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। जब एक फार्मासिस्ट किसी व्यक्ति को वैक्सीन देता है, वह उसके सुरक्षित भविष्य की नींव रखता है। फार्मेसी शिक्षा का उद्देश्य केवल दवा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करना है।
उन्होंने आगे कहा : उच्च शिक्षा संस्थान तभी उत्कृष्ट माने जाते हैं, जब वे केवल डिग्रियाँ प्रदान न करें, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और वैज्ञानिक रूप से सशक्त नागरिक तैयार करें। मुझे हर्ष है कि रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है।

मेजर जनरल डॉ. थपलियाल ने फार्मासिस्टों की भूमिका पर अपने संबोधन में कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट समाज को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। टीकाकरण केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए एक आवश्यक कवच है। फार्मासिस्ट इस मिशन के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं।
प्राचार्य डॉ. लोकश त्यागी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और साक्ष्य आधारित चिकित्सा प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टीकाकरण न केवल रोगों की रोकथाम का साधन है, बल्कि यह एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की नींव है। हमारे विद्यार्थी भविष्य के वैज्ञानिक और नीति-निर्माता होंगे, इसलिए उन्हें ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए।

दिनभर आयोजित विभिन्न गतिविधियों ने छात्रों में उत्साह, सीखने की इच्छा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया। इनमें—
* वैक्सीन अवेयरनेस पोस्टर प्रतियोगिता
* वैज्ञानिक क्विज
* कंपैरिटिव वैक्सीन टेक्नोलॉजी डिबेट
* शोध प्रस्तुति (Research Presentation)
जैसी प्रतियोगिताएँ शामिल रहीं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैक्सीन विज्ञान, सार्वजनिक स्वास्थ्य और नवीन तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री खालिद हसन, परीक्षा नियंत्रक डॉ प्रदीप शर्मा, सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय फार्मासिस्ट सप्ताह 2025 का यह शुभारंभ कार्यक्रम फार्मेसी शिक्षा, वैज्ञानिक जागरूकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि वह केवल शैक्षणिक संस्थान ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है।

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