विजडम इंडिया संवाददाता।

देहरादून
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय ने देहरादून में आयोजित छठे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव दो हजार पच्चीस में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक बार फिर अपने राष्ट्रीय चरित्र और शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय दिया। तीन दिवसीय महोत्सव बारह से चौदह नवंबर तक आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक, रचनात्मकता एवं नवाचार का अद्भुत प्रदर्शन किया।

महोत्सव के प्रथम दिवस पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता से हुई जिसमें रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में बीएफए द्वितीय वर्ष पेंटिंग की छात्रा *मिस प्रतीक्षा धौंडियाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया*। कुल चौंतीस विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया जिनमें नारायण स्वामी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के अट्ठाईस, एप्लाइड साइंसेज विभाग के एक तथा फाइन आर्ट्स विभाग के पांच विद्यार्थी शामिल रहे।

दूसरे दिन साइबर सुरक्षा पर हुई संगोष्ठी में नर्सिंग विभाग के उन्तालीस विद्यार्थियों ने डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों और तकनीकी सतर्कता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ हासिल कीं। इसी दिन आयोजित लिखित क्विज़ प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के उनचास विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और तत्परता का शानदार परिचय दिया।

महोत्सव के तीसरे दिन द्वितीय मेडिटेक कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ, जिसमें *प्रोफेसर डॉक्टर हिमांशु ऐरन मुख्य अतिथि रहे और मेडिटेकॉन के सत्र की अध्यक्षता की*। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी उन्नति मानव जीवन को उत्कृष्ट दिशा देती है और वैज्ञानिक नवाचारों ने मानवता के कल्याण में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल टेक्नोलॉजी के इस अद्वितीय विकास के साथ मानवीय संवेदना का स्पर्श भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि चिकित्सा केवल उपचार नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और सहानुभूति की भी कला है।

मेडिटेक कॉन्क्लेव में कुल दो सौ बीस विद्यार्थियों ने भाग लिया जिनमें नर्सिंग विभाग के दो सौ पंद्रह और फाइन आर्ट्स विभाग के पांच विद्यार्थी शामिल रहे।

*फाइन आर्ट्स विभाग की रचनात्मक प्रस्तुतियाँ महोत्सव का विशेष आकर्षण रहीं*। डॉ मुक्ति भटनागर सुभारती स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एंड फैशन डिजाइन के विद्यार्थियों ने मिरर डिजाइन, पेंटिंग, क्राफ्ट पेंटिंग, लाइव पेंटिंग, पोर्ट्रेट, म्यूरल पेंटिंग, आर्ट ज्वेलरी सहित अनेक कलात्मक विधाओं का भव्य प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपने सृजनात्मक कौशल से वैज्ञानिक और कलात्मक अभिव्यक्ति को एक साथ बुनते हुए दर्शकों को प्रभावित किया। सृजन और विज्ञान का यह संगम विश्वविद्यालय की बहुविषयक शिक्षण परंपरा की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करता है।

समग्र रूप से महोत्सव में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि संस्थान न केवल विज्ञान, तकनीक और चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी है बल्कि कला, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व देता है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते रहें, यही विश्वविद्यालय की सतत प्रतिबद्धता है।

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