
विजडम इंडिया संवाददाता।
देहरादून, 12 नवम्बर 2025 — राष्ट्रीय कला मंच एवं ललित कला अकादमी, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. मुक्ति भटनागर सुभारती स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स एंड फैशन डिज़ाइन, रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में आज कला और सृजनात्मकता के उत्सव “आर्ट्स इंटर्नशिप कार्यक्रम” का भव्य शुभारम्भ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें विशिष्ठ अतिथि डॉ. ममता सिंह एम.के.पी. कॉलेज, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन, ललित कला अकादमी, दिल्ली से आए श्री अविनव दीप एवं श्री नीरज, वरिष्ठ कलाकार श्री मनोज सिंह, सुश्री तनीषा, और ललित कला विभागाध्यक्ष श्री संतोष कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. ममता सिंह का स्वागत कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन द्वारा अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। श्री अविनव दीप, श्री नीरज और श्री मनोज सिंह का सम्मान भी इसी प्रकार किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कला, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी प्रेरक जानकारियाँ साझा कीं। ललित कला अकादमी के सदस्य श्री अविनव दीप ने कहा कि “युवा कलाकारों को अपनी कल्पनाशक्ति को समाज की संवेदनाओं से जोड़ना चाहिए, तभी कला का असली उद्देश्य पूरा होता है।”
कुलपति डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपने उद्बोधन में कहा —
“कला किसी राष्ट्र की आत्मा होती है। जब हमारे विद्यार्थी ब्रश और रंगों से अपनी सोच को कैनवस पर उतारते हैं, तो वे केवल चित्र नहीं बनाते — वे भविष्य के भारत की सांस्कृतिक पहचान गढ़ रहे होते हैं। सुभारती विश्वविद्यालय सदैव उन प्रतिभाओं को मंच देता है जो अपने रंगों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट पेंटिंग्स बनाने के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “हर रेखा में आत्मा की सच्चाई और हर रंग में समाज की संवेदना झलकनी चाहिए।”

कार्यक्रम में सुभारती शिक्षा समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अतुल कृष्ण एवं सहायक अकैडमिक डायरेक्टर सुश्री अवनि कमल ने भी अपनी विशेष शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि “सुभारती की पहचान केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार, कला और मानवीय मूल्यों की साझी साधना है।” सुश्री अवनि कमल ने कहा कि “कला शिक्षा को आधुनिकता और परंपरा के सेतु के रूप में विकसित करने का हमारा प्रयास लगातार जारी है।”
इस अवसर पर विद्यार्थियों को रंग, बैग, स्केचबुक, पेन आदि कला सामग्री कुलपति और अतिथियों द्वारा प्रदान की गई।
कार्यक्रम का कुशल संचालन अभिषेक त्रिपाठी ने किया और अंत में ललित कला विभागाध्यक्ष श्री संतोष कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
