यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन अब जुन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से नाराज नजर आ रही है। पार्टी का कहना है कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी का नाम लेकर किशोर अपनी राजनीतिक छवि चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। जन सुराज नेता ने हाल ही में ओवैसी को सीमांचल के बजाए हैदराबाद पर फोकस करने की सलाह दे दी थी।

प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, ‘दुनिया में सबसे आसान काम सलाह देना है…। मैं प्रशांत किशोर से कहना चाहता हूं कि अपनी सलाह अपने पास ही रखें…। वह खुद डरे हुए हैं कि चुनाव नहीं लड़ रहे हैं…। प्रशांत किशोर हों, राजद हो, कांग्रेस हो या जदयू हो, सीमांचल में ओवैसी की यात्रा में लाखों लोगों को देखने के बाद इन लोगों के पेट में दर्द होने लगा है…।’

उन्होंने कहा, ‘प्रशांत किशोर ओवैसी के नाम का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक छवि मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह उनका डर और घबराहट दिखा रहा है।’

किशोर ने कहा था, ‘ओवैसी साहब मेरे दोस्त हैं, लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें हैदराबाद संभालना चाहिए। अपना गढ़ हैदराबाद संभालें और सीमांचल आकर बेवजह कंफ्यूजन न बढ़ाएं। अगर आप हैदराबाद संभालते और वहां के मुसलमानों का भला करते, तो अच्छा होता।’

उन्होंने कहा, ‘इस बार सीमांचल के मुसलमानों को 2020 में की गई गलती को नहीं दोहराना चाहिए। ओवैसी साहब बहुत सम्मानित हैं और पढ़े लिखे हैं, लेकिन उन्हें हैदराबाद में रहने दीजिए। यहां हैदराबाद से लाकर नेता को स्थापित करने की जरूरत नहीं है।’

AIMIM ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 25 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इधर, जन सुराज ने राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा पेश किया है। बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होंगे और 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी।

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