
फ्रांस स्थित ले फ़्रेहाइंडी पेरिस के साथ एमओयू साइन, विदेशी भाषाओं की शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
देहरादून, 27 अक्टूबर 2025 |
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में सोमवार को “ग्लोबल ऑपर्च्यूनिटीज़ फॉर सुभारती स्टूडेंट्स इन यूरोपियन यूनियन” विषय पर एक प्रेरक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला छात्रों को यूरोपीय संघ में उपलब्ध वैश्विक करियर संभावनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री हरु मेहरा, जो फ्रांस से विशेष रूप से इस अवसर पर पधारे, ने छात्रों को यूरोप में शिक्षा, प्रशिक्षण और करियर के विविध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फ्रेंच भाषा सीखना न केवल नई संस्कृतियों से जोड़ता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोजगार के द्वार भी खोलता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से सशक्त बनाना है बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना भी है।” उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अब विदेशी भाषाओं — विशेष रूप से फ्रेंच, जर्मन और जापानी — की शिक्षा प्रारंभ करने जा रहा है ताकि छात्र बहुराष्ट्रीय अवसरों का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय और फ्रांस की संस्था ‘ले फ़्रेहाइंडी पेरिस’ के बीच हुए एमओयू पर हस्ताक्षर, जिसके तहत विश्वविद्यालय में एक ग्लोबल इंटीग्रेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र छात्रों को अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम, ग्लोबल इंटर्नशिप और यूरोप में उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु सहयोग प्रदान करेगा।

कार्यशाला के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री खालिद हुसैन ने अतिथि वक्ता श्री हरु मेहरा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने प्रश्नोत्तर सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और यूरोप में उच्च शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े सवाल पूछे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कई डीन, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ और सभी ने इसे अत्यंत लाभदायक बताया।
