मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम को गाली देते हैं, वे वास्तव में महर्षि वाल्मीकि का अपमान करते हैं, क्योंकि वाल्मीकि जी ने ही श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में स्थापित किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महर्षि वाल्मीकि ने अपनी लेखनी चलाई, तो उन्होंने लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए नारद से प्रश्न किया कि कौन ऐसा चरित्रवान व्यक्ति है, जिसके जीवन पर मैं लिख सकूँ। उन्होंने राम के आदर्श जीवन को धर्म का साक्षात रूप बताया। योगी ने कहा कि जो लोग राम का अपमान करते हैं, वे देश की संस्कृति और आस्था का अपमान करते हैं। इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह चौधरी, ब्रजेश पाठक, डॉ. दिनेश शर्मा और जयवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे।

यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा सरकारों में दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार हुआ, जबकि भाजपा सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर काम कर रही है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि ब्रजेश पाठक ने कहा कि वाल्मीकि समाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वाल्मीकि समाज से वोट तो लिए, लेकिन कभी उनका भला नहीं किया। सिर पर मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने का कार्य मोदी सरकार ने किया।

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि वाल्मीकि समाज भाजपा के लिए सिर्फ मित्र नहीं बल्कि परिवार है। वहीं, मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि योगी सरकार दलित और वंचित समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है और वाल्मीकि समाज को सम्मान और अवसर देने के लिए समर्पित है।

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