यूपी सरकार गरीबों को नि:शुल्क राशन वितरण हर माह करती है। कई गरीब परिवारों को इस योजना से लाभ होता है। कई परिवार का महीने भर चूल्हा इसी राशन के कारण जलता है, लेकिन कई लोग फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ उठाते हैं। जिन्हें जरूरत नहीं है, वे भी राशन कार्ड बनवाकर लाभ ले रहे हैं। ऐसा ही फर्जीवाड़ा जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से कराए गए सत्यापन में सामने आया है। जिसमें 29 हजार लोग फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए, इनमें से 15 हजार लोग तो मृतकों के नाम पर राशन उठा रहे थे। जिनका नाम अब राशन कार्ड से काट दिया गया है।

मार्च से मई तक जिलापूर्ति कार्यालय की ओर से जनपद में 21 लाख 60 हजार यूनिटों का सत्यापन कराया गया। इनमें 15 हजार ऐसे लोग थे, जिनकी मौत हो गई थी और उनके नाम पर राशन का उठाव हो रहा था। साथ ही 14 हजार ऐसे यूनिट पकड़े गए, जो दिल्ली, हरियाणा, गुजरात व उत्तराखंड में रहकर नौकरी कर रहे हैं। सत्यापन के बाद इनके भी यूनिट काट दिए गए हैं। बता दें कि कई वर्षों से राशन कार्ड की यह घपलेबाजी हो रही थी। बहुत से ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या फिर परिवार की बेटियां शादी कर कहीं और बस गई हैं।

उनके नाम से भी राशन उठाया जा रहा था। ऐसे लोगों के खिलाफ डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन पर जिलापूर्ति ऑफिस की ओर से मुहिम चलाकर अपात्रों के नाम लिस्ट से हटाया जा रहा है। इन लोगों का नाम लिस्ट से हटाकर उन्हें राशन देने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें सच में इसकी जरूरत है। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द जनसेवा से करा लें। अन्यथा ऐसी स्थिति में भी उनके राशनकार्ड काटने की कार्यवाही की जाएगी।

शाहजहांपुर जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया, राशनकार्ड धारकों का पात्र-अपात्रों का सत्यापन किया जा रहा है। अब तक 15 हजार मरने वाले और लगभग 14 हजार ऐसे यूनिट पाए गए जो दिल्ली, हरियाणा, गुजरात आदि राज्यों में शिफ्ट हो रखे थे। इनके यूनिट काट दिए गए। इनके स्थान पर जरूरतमंद और पात्रों का राशनकार्ड जारी किए जाएंगे।

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