जब वे पढ़ाई के लिए कालेज पहुंचीं, तभी हादसे में उनकी सहेली की आंखें चली गईं। ये बात उनके हृदय में घर कर गई। सहेली की लाचारी, चुनौतियां देख 20 साल पहले ही मन में ठान लिया कि अब नेत्र दिव्यांगों के लिए काम करना है।

फिर दिव्यांगों से जुड़ी शिक्षा का क्षेत्र चुना, जिससे उनकी मदद कर अंधेरी जिंदगी रोशन कर सकें। नारी सशक्तीकरण व दिव्यांगों के लिए तन कर खड़ी होने वाली ये महिला हैं श्री साईं बाबा एजूकेशनल एवं सामाजिक सेवा संस्थान की निदेशक रीना सिंह चौहान। इसमें उनके पति डॉ. अरविंद सिंह, श्वसुर वाइबी सिंह, समाजसेवी अनिल जैन व मीरा जैन मददगार बन गए। इससे वे नेत्र दिव्यांग बेटियों को शिक्षा के साथ हुनरमंद बना रही हैं।

आवास विकास केशवपुरम निवासी रीना ने 2008 से दिव्यांग बेटियों के लिए काम शुरू किया। इससे पहले वर्ष 2004 में पढ़ाई के समय से ही उन्होंने संस्था के अंतर्गत श्री साईं बाबा स्पेशल एजूकेशन सेंटर की स्थापना नौबस्ता गल्लामंडी से थोड़ी दूर द्विवेदी नगर में की। 

दो नेत्र दिव्यांग बेटियों की शिक्षा से शुरू हुई संस्था में अब 30 बेटियां नियमित अध्ययन कर रही हैं। ये संख्या 100 तक करने की तैयारी है। इन्हें सुबह का नाश्ता, स्कूल ड्रेस व शिक्षण सामग्री भी निश्शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। 

बेटियों को निश्शुल्क शिक्षा के साथ कढ़ाई, बुनाई व संगीत में भी हुनरमंद बनाया जा रहा है। अगले वर्षों में छात्रावास बनाने पर काम हो रहा है। पहले संस्था योग व चिकित्सा से जुड़े कार्यों में रही। कक्षा एक से आठ तक की शिक्षा के बाद बेटियों को कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए मददगार हैं। हुनरमंद बनाने के लिए तकनीकी ज्ञान में कंप्यूटर आधारित शिक्षा भी दिलाई जा रही है। 

शास्त्रीय गायन में प्रदेश में अव्वल, मिले कई पुरस्कार

नेत्र दिव्यांग बेटियों को निदेशक रीना व यहां के संगीत शिक्षक अर्पित दीक्षित नए पंख दे रहे हैं।शास्त्रीय संगीत में गायन के क्षेत्र में वैष्णवी, अनन्या, दिव्यांशी, रमा व राशि ने दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग उप्र की ओर से 15 फरवरी, 2023 को प्रयागराज में आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया। इसके लिए प्रतिदिन अभ्यास का क्रम भी चलता है।

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