तमिलनाडु में AIADMK के अंदर मचे घमासान पर भाजपा चुप है। पार्टी में पूर्व मुख्यमंत्री एडापड्डी पलनिस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम के बीच नेतृत्व की लड़ाई चल रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इसी घमासान के सहारे भाजपा तमिलनाडु में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। बता दें कि जब जयललिता का निधन हुआ था उस वक्त भी पार्टी में वर्चस्व को लेकर घमासान शुरू हो गया था। लेकिन उस वक्त भाजपा मूकदर्शक नहीं बनी थी। एआईएडीएमके के पूर्व नेता नैनार नागेंद्र ने कहा कि भाजपा ने ही पलनिस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया था। आज उनके और पन्नीरसेल्वम के बीच क्या चल रहा है। बता दें कि नैनार भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा के कई नेताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि वे वर्चस्व की इस लड़ाई में कोई दखल नहीं देना चाहते हैं।2016 में जयललिता के निधन और वीके शशिकला के जेल जाने के बाद जो समीकरण बनाए गए थे उनसे आज बहुत सारे नेता सहमत नहीं हैं। भाजपा की मदद से यह फैसला किया गया था कि पन्नीरसेल्वम और पलनिस्वामी दोनों के साझा नेतृत्व में पार्टी काम करेगी। लेकिन अब एआईएडीएमके के बहुत सारे नेता सिंगल लीडरशिप की मांग करने लगे हैं।

2022-07-04 16:30:14 https://wisdomindia.news/?p=3202
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *