
नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्कार, राष्ट्रबोध एवं वैश्विक दृष्टिकोण से कराया गया परिचय
विजडम इंडिया
देहरादून, 19 अगस्त 2026। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय जीवन में सहज, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी प्रवेश सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय “दीक्षारंभ 2026 – विद्यार्थी अभिमुखीकरण कार्यक्रम” के द्वितीय दिवस का आयोजन आज दिनांक 19 अगस्त 2026 को लालित्यादित्य प्रेक्षागृह में गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। द्वितीय दिवस में फैकल्टी ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज एवं फैकल्टी ऑफ होटल मैनेजमेंट के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विवेक तिवारी, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का विश्वविद्यालय परिवार की ओर से पटका एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन एवं स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में माननीय कुलपति डॉ. देश दीपक एवं माननीय प्रो-चांसलर डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत किया तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
माननीय कुलपति डॉ. देश दीपक ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक महत्वपूर्ण नई यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों, परिश्रम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञानवान, संस्कारित, आत्मनिर्भर, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है।
शैक्षणिक अधिष्ठाता एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. मनमोहन गुप्ता ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अकादमिक अनुशासन एवं उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, शिक्षकों के साथ संवाद तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्कृति विभाग के सदस्य एवं अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी एवं वैश्विक संबंध विभाग के सहायक निदेशक श्री रमन कृष्ण किमोठी ने विद्यार्थियों को सुभारती की मूल भावना “राष्ट्र बोध से राष्ट्र भक्ति” से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र, समाज एवं मानवता के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा शिक्षा को चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र सेवा से जोड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का विशेष सत्र “राष्ट्र बोध” रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना से जोड़ा गया। विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रो. नीलिमा चौहान, डीन द्वारा विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की संरचना, विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।
फैकल्टी ऑफ एजुकेशन द्वारा विश्वविद्यालय के नियम एवं विनियम, अनुशासन एवं संस्थागत व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। मुख्य प्रॉक्टर द्वारा एंटी-रैगिंग जागरूकता के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक श्री प्रदीप महारा ने विद्यार्थियों को NSS की गतिविधियों एवं सामाजिक सेवा के विभिन्न अवसरों से परिचित कराया तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं सेवा भावना विकसित करने का संदेश दिया।

परीक्षा नियंत्रक श्रीमती पूनम कौशिक द्वारा विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा संबंधी नियमों एवं महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में निदेशिका डॉ. जीवन आशा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री कविता नैनवाल, फैकल्टी ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज एवं सुश्री अंजलि उपाध्याय, फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स एंड फैशन डिजाइन द्वारा किया गया। दोनों ने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का सुचारु एवं प्रभावी संचालन किया।
कार्यक्रम के अंत में डीन, विद्यार्थी कल्याण द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सह-पाठ्यक्रम अवसरों का अधिकतम लाभ उठाते हुए अनुशासन, संस्कार एवं उत्कृष्टता के साथ अपने शैक्षणिक जीवन को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कुलसचिव श्री खालिद हसन, प्रो. नितिका कौशल सहित विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

“दीक्षारंभ 2026” का द्वितीय दिवस नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक दिशा, संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रबोध एवं व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रबोध एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र है।
तीन दिवसीय “दीक्षारंभ 2026” कार्यक्रम के अंतिम दिवस में भी अन्य संकायों के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विभिन्न अभिमुखीकरण एवं प्रेरणादायी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
