गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) अपनी प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए 48 अतिरिक्त पूर्व सैनिकों की तैनाती करेगा। ये पूर्व सैनिक, गोरखपुर महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) के चारों जोन में अवैध निर्माण और अनियोजित विकास पर प्रभावी कार्रवाई के साथ ही पार्कों, जेट्टी, चिलुआताल, रामगढ़झील की भी निगरानी और सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मौजूदा और प्रस्तावित प्रवर्तन कर्मचारियों के मानदेय में 10 फीसदी सालाना वृद्धि भी की जाएगी। इससे प्राधिकरण पर कर्मचारियों का महीने का खर्च 2.75 लाख रुपये से बढ़कर 14.24 लाख रुपये हो जाएगा।

जीडीए में दो प्रवर्तन दलों में 02 जेसीओ, 05 सशस्त्र और 05 गैर-सशस्त्र सुरक्षा गार्ड समेत 12 भूतपूर्व सैनिक कार्यरत हैं। चारों जोन में ध्वस्तीकरण, सीलिंग और अतिक्रमण अभियान के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने के साथ बढ़ती परिसंपत्तियों की सुरक्षा को देखते हुए यह संख्या अपर्याप्त है। जीडीए बोर्ड की 128वीं बैठक में 04 अतिरिक्त जेसीओ, 23 सशस्त्र और 21 गैर-सशस्त्र सुरक्षा गार्ड, यानी कुल 48 भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती की मंजूरी मिली है। ऐसे में अब कर्मचारियों की संख्या बढ़ कर 60 हो जाएगी।
फिलहाल जीडीए ने 22 गार्डो की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा है। इनमें 08 सशस्त्र गार्ड और 14 गैर-सशस्त्र गार्ड का नियुक्त होंगे। मानदेय हर महीने क्रमश: 20,500 और 18,500 रुपये होगा। जिला सैनिक कल्याण निगम में पंजीकृत इच्छुक पूर्व सैनिकों को 22 सितंबर को प्राधिकरण के राप्ती सभागार में 11 बजे आमंत्रित किया गया है।
-जीडीए के प्रवर्तन दल में अभी सिर्फ 12 भूतपूर्व सैनिक
-मानदेय में भी 10 फीसद की वार्षिक बढ़ोत्तरी स्वीकृत हुई
-22 पूर्व सैनिकों की मानदेय पर नियुक्ति पर आवेदन मांगा
