इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2011 को हुई थी, जब ऊर्जा विभाग और दोनों कंपनियों के बीच एग्रीमेंट हुआ था। मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड को भोगनीपुर तहसील के ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरण्डा और भरतौली में 90.3260 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 285.0524 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 375.378 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। वहीं, मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड को ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगाँव और चपरघटा में 217.813 हेक्टेयर पट्टा भूमि तथा 350.838 हेक्टेयर अधिग्रहीत निजी भूमि मिलाकर कुल 568.651 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई थी।