उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक बार फिर गाजियाबाद की धरती से पश्चिम क्षेत्र में विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। भाजपा का मजबूत दुर्ग माने जाने वाले गाजियाबाद में योगी आदित्यनाथ ने करीब डेढ़ किलोमीटर पदयात्रा कर पश्चिम में बड़ा संदेश दिया। इसे भाजपा का ‘मिशन-71’ भी कहा जा रहा है। पश्चिमी यूपी की 71 विधानसभा सीटों पर जोश भरने की शुरुआत कर दी गई है।
पदयात्रा और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से भाजपा का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। गत विधानसभा चुनाव से ठीक पहले साल 2021 में दिसंबर की सर्द रात में योगी ने रोड शो कर पश्चिम का राजनीतिक पारा चढ़ाया था। पदयात्रा से पहले जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने सोची-समझी रणनीति के तहत पश्चिम क्षेत्र के अभियान की शुरुआत के लिए गाजियाबाद को चुना।
भाजपा के संगठन की दृष्टि से देखें तो पश्चिम क्षेत्र तीन मंडलों मेरठ, सहारनपुर और मुरदाबाद को मिलाकर बना है। इन तीनों मंडलों से कुल 71 विधायक लखनऊ पहुंचते हैं। साल 2017 में भाजपा ने यहां शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पिछले चुनाव में पार्टी को तीनों मंडलों में कुल 12 सीटों का नुकसान हुआ। इस बार सरकार बनाने के लिए इसकी भरपाई करनी होगी। यही कारण है कि पश्चिम क्षेत्र में होने वाली लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के लिए जब जिला तय करने की बारी आई तो गाजियाबाद को चुना गया।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल का महत्वपूर्ण दखल है। यही कारण है कि मंच पर अग्रिम पंक्ति में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी को स्थान दिया गया। इसके अलावा चार पदाधिकारियो को भी मंच पर बैठाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने भी किसानों के मुद्दों को उठाया। साथ ही चौधरी चरण सिंह को भी याद किया।