ट्रंप हारे चुनाव तो मनीष तिवारी ने कर डाली नई भविष्यवाणी, भारत को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दुनिया के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जताते हुए इसे ‘दिशाहीन होती दुनिया’ बताया है. उन्होंने इजरायल, ब्राजील और अमेरिका के मध्यावधि चुनाव परिणाम का जिक्र किया.
कांग्रेस नेता और सांसद मनीष तिवारी ने दुनिया के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता जताते हुए इसे ‘दिशाहीन होती दुनिया’ बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने इजरायल में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने, अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके और ब्राजील में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की दोबारा जीत का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि यूरोप रूस-यूक्रेन युद्ध के गतिरोध और गुस्से से जूझ रहा है, भारत आंतरिक राजनीतिक संघर्ष में उलझा है, जबकि चीन धीरे-धीरे अपनी ताकत और क्षमता बढ़ा रहा है.
इजरायल में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं
मनीष तिवारी ने इजरायल की राजनीतिक स्थिति को त्रिशंकु संसद के रूप में पेश किया. हालिया चुनाव के नतीजों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद में 53 सीटें मिली हैं. विपक्षी गठबंधन को 48 और अरब दलों को 19 सीटें हासिल हुई हैं. सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है. ऐसे में किसी भी बड़े गठबंधन के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है और सरकार गठन में अरब दलों की भूमिका अहम हो सकती है.
अमेरिका में ट्रंप को मतदाताओं का बड़ा झटका
तिवारी ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मतदाताओं से मिले झटके को नॉकडाउन पंच बताया. 3 नवंबर को हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है. इससे ट्रंप के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है. चुनाव में महंगाई, बढ़ती जीवनयापन लागत, टैरिफ नीतियों और ईरान युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी प्रमुख मुद्दे रहे. तिवारी ने इस नतीजे को इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता पर संभावित रोक से भी जोड़ा है.
ब्राजील में लूला की जीत से दक्षिण अमेरिका में बदलेगा राजनीतिक रुझान?
कांग्रेस नेता ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत को दक्षिण अमेरिका में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव को रोकने की दिशा में अहम बताया. ब्राजील के 25 अक्टूबर को हुए दूसरे दौर के चुनाव में लूला दोबारा राष्ट्रपति चुने गए. उन्हें 51.79 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत मत मिले.
यूरोप, भारत और चीन पर भी उठाए सवाल
तिवारी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे समय से जारी गतिरोध और यूरोप में गुस्से तथा विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया. उन्होंने भारत की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश आंतरिक राजनीतिक संघर्ष में उलझा हुआ है. वहीं, चीन पर उन्होंने कहा कि वह धीरे-धीरे अपनी क्षमता और ताकत बढ़ा रहा है