इसके जरिए देश की सीमा से 1500 किलोमीटर तक का हिस्सा बहुत ही बारीकी से पहचान किया जा सकेगा। इससे लोगों के साथ सैनिकों और आपदा के वक्त काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा इस सैटेलाइट का इस्तेमाल समुद्री जहाजों के नेविगेशन और सड़क परिवहन में भी किया जा सकेगा।