सुखोई-30, तेजस, राफेल और प्रचंड हेलीकॉप्टर ने दिखाया दम; तिरंगे के रंगों में नजर आई ‘काशी फॉर्मेशन’, गूंजे भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे|
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी रविवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और अद्भुत हवाई कौशल की साक्षी बनी। नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर आसमान में रोमांचक करतब दिखाए। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, स्वदेशी तेजस और मिराज-2000 सहित विभिन्न लड़ाकू विमानों की गर्जना से काशी का आसमान गूंज उठा। एक घंटे से अधिक समय तक चले इस एयर शो में वायुसेना की प्रदर्शन टीमों ने अपनी दक्षता, सटीकता और अद्भुत तालमेल का प्रदर्शन किया। गंगा की लहरों और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में हुए इस आयोजन ने दर्शकों में देशभक्ति का जोश भर दिया।
आसमान में गरजे राफेल और सुखोई, ‘विंग्स ओवर गंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सफेद वायुसेना कैप और काले चश्मे में एयर शो देखने पहुंचे। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय एयर शो का समापन भव्य हवाई प्रदर्शनों के साथ हुआ। प्रधानमंत्री की मौजूदगी को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग नमो घाट पहुंचे और विमानों के करतब देखकर रोमांचित हुए।

तिरंगे के रंगों में दिखी ‘काशी फॉर्मेशन’
एयर शो का प्रमुख आकर्षण ‘काशी फॉर्मेशन’ रहा। इस दौरान तीन किरण विमानों ने वी आकार में उड़ान भरते हुए तिरंगे के रंगों से सजी शानदार आकृति प्रस्तुत की। आसमान में भारतीय ध्वज के रंगों की झलक दिखाई देने पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ वायुसेना के जांबाजों का उत्साह बढ़ाया। इस विशेष प्रदर्शन ने काशी की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और देश की सैन्य शक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
इसके अलावा ‘ओमकार फॉर्मेशन’ के दौरान एमआई-17 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज लेकर आसमान में उड़ते दिखाई दिए। हेलीकॉप्टरों की सधी हुई उड़ान और विमानों के बीच बेहतरीन तालमेल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गंगा के ऊपर एक के बाद एक हुए हवाई प्रदर्शनों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाई ताकत
एयर शो में भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों ने अपनी परिचालन क्षमता और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, मिग-29 और जगुआर जैसे विमानों ने आसमान में उड़ान भरकर अपनी गति, क्षमता और हवाई कौशल का परिचय दिया। स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच प्रचंड की मौजूदगी ने भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को भी रेखांकित किया।
वहीं, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम ने सटीक उड़ान और आपसी तालमेल से रोमांचक करतब प्रस्तुत किए। सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने भी अपने शानदार हवाई कौशल से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन के माध्यम से वायुसेना की तैयारियों और विभिन्न परिस्थितियों में काम करने की क्षमता को प्रदर्शित किया गया।
‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ से गूंजा नमो घाट
विमानों की गर्जना के बीच नमो घाट पर देशभक्ति का माहौल चरम पर रहा। दर्शक हाथों में तिरंगा लेकर भारतीय वायुसेना के जांबाजों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से घाट क्षेत्र गूंज उठा। काशी की आध्यात्मिक पहचान और भारतीय वायुसेना की सैन्य शक्ति का यह संगम लोगों के लिए विशेष अनुभव बन गया।
आयोजन देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों को करतब दिखाते देखना गर्व का क्षण था। प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने इस अनुभव को और यादगार बना दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के आयोजन युवाओं में देशसेवा, अनुशासन और भारतीय वायुसेना के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
प्रधानमंत्री के स्वागत में जगह-जगह जुटे लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन पर शहर में कई स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई थी। पुलिस लाइन से नमो घाट तक के मार्ग पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। विभिन्न स्थानों पर टेंट लगाकर स्वागत की तैयारियां की गई थीं। पुलिस लाइन मुख्य द्वार, पुलिस लाइन चौराहा, खजुरी-मकबूल आलम रोड स्थित यस बैंक, हुकुलगंज तिरमुहानी, चौकाघाट लकड़ी मंडी, सिटी रेलवे स्टेशन, गोलगड्डा चौराहा, रेलवे अंडरपास और नमो घाट के निकट सीएनजी स्टेशन के आसपास लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
इस दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। लोगों ने प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्पवर्षा की और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री ने वाहन के फुटबोर्ड पर खड़े होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके स्वागत के लिए मार्ग पर जगह-जगह जुटी भीड़ में उत्साह देखने को मिला।
दिवाकर सिंह बोले- वाराणसी के लिए गर्व का क्षण
एयर शो देखने पहुंचे दिवाकर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन देखना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिकता और आसमान में लड़ाकू विमानों की ताकत का संगम लोगों के भीतर गर्व की भावना पैदा करता है। उनके मुताबिक, इस तरह के आयोजन बच्चों और युवाओं को देश के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रसेवा की प्रेरणा दे सकते हैं।
वहीं, गोविंद पांडे ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने बड़े स्तर का एयर शो देखा। वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में इस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रदर्शन युवाओं को भारतीय वायुसेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करेंगे।
मिर्जामुराद में गारमेंट इकाई का उद्घाटन, महिलाओं से किया संवाद
एयर शो में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। अधिकारियों के अनुसार, इस इकाई का उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देना और भारत के कपड़ा एवं परिधान निर्माण क्षेत्र को मजबूत करना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान करीब 300 महिलाओं से भी संवाद किया। अधिकारियों के मुताबिक, नई इकाई से विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही, वाराणसी में तैयार होने वाले परिधानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
प्रधानमंत्री रविवार सुबह वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से मिर्जामुराद जाकर गारमेंट इकाई का उद्घाटन किया। इसके बाद वह पुलिस लाइन पहुंचे और सड़क मार्ग से नमो घाट पहुंचकर भारतीय वायुसेना के एयर शो में शामिल हुए।
‘विंग्स ओवर गंगा’ ने एक बार फिर काशी को देश की सैन्य शक्ति, आधुनिक तकनीक और राष्ट्रीय गौरव के भव्य प्रदर्शन का केंद्र बना दिया। गंगा के ऊपर गूंजते लड़ाकू विमानों और तिरंगे के रंगों में सजे हवाई करतबों ने दर्शकों के मन में लंबे समय तक याद रहने वाली छाप छोड़ी।
ब्यूरो रिपोर्ट: प्रवेश सिंह