October 17, 2026

रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय में विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय में विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुरक्षित सर्जरी और बेहतर मरीज देखभाल के लिए एनेस्थीसिया की भूमिका पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक

विशेषज्ञ व्याख्यान, सीपीआर का व्यावहारिक प्रदर्शन और रंगोली प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को दिया मरीजों की सुरक्षा का संदेश

देहरादून, 16 अक्टूबर। रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की ओर से शुक्रवार को विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के लोकप्रिय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और उसके बाद मरीजों की सुरक्षित देखभाल में एनेस्थीसिया की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, आपातकालीन चिकित्सा सहायता का व्यावहारिक प्रदर्शन और सुरक्षित एनेस्थीसिया एवं सुरक्षित सर्जरी विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई।


कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) देश दीपक, फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थ साइंसेज की डीन डॉ. शिवांजलि, विभागाध्यक्ष श्रीमती स्वाति शर्मा तथा मुख्य वक्ता डॉ. आस्था श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। विभागाध्यक्ष श्रीमती स्वाति शर्मा ने अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. आस्था श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग, जीबीसीएम ने ‘Patient Care: Before, During and Beyond Surgery’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने सर्जरी से पहले मरीज की तैयारी, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रबंधन तथा सर्जरी के बाद मरीज की देखभाल के महत्व को रेखांकित किया। व्याख्यान में सुरक्षित सर्जरी, मरीज-केंद्रित चिकित्सा और उपचार की पूरी प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (ISA) के पंचरक्षक कार्यक्रम के अंतर्गत आपातकालीन चिकित्सा सहायता का प्रदर्शन रहा। डॉ. आस्था श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS), कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) तथा जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली आपातकालीन परिस्थितियों में प्रारंभिक सहायता देने की प्रक्रिया समझाई। मैनिकिन के माध्यम से किए गए व्यावहारिक प्रदर्शन ने विद्यार्थियों को सीपीआर और आपातकालीन प्रतिक्रिया की बुनियादी तकनीकों को समझने का अवसर प्रदान किया।

विद्यार्थियों की रचनात्मकता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Safe Anaesthesia and Safe Surgery’ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से मरीजों की सुरक्षा का संदेश प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले समूहों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए, जबकि अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।


कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को एनेस्थीसिया, सुरक्षित सर्जरी, मरीजों की समन्वित देखभाल तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक प्रदर्शन ने स्वास्थ्य विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए विषयगत जानकारी को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता के जरिए मरीजों की सुरक्षा से जुड़े संदेश को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की विभागाध्यक्ष श्रीमती स्वाति शर्मा ने अतिथियों, मुख्य वक्ता, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन सचिव अद्रिता सिन्हा सहित कार्यक्रम से जुड़े सदस्यों के सहयोग से विश्व एनेस्थीसिया दिवस का यह आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने सुरक्षित चिकित्सा, जिम्मेदार मरीज देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

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