सीएम योगी का ‘केस नंबर 2047’ चर्चा में, जानिए क्या है इसका पूरा मतलब
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राम मनोहर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 5वें दीक्षांत समरोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। साथ ही संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर जब हम लोग दीक्षांत समारोह में भाग लेते हैं तो इसके भाषण छोटे,बड़े और भारी भी हो जाते हैं और मोबाइल स्क्रीन में भी काफी दिलचस्प हो जाते हैं, लेकिन इससे हटकर अगर हम जिस फील्ड में काम कर रहे हैं और जिस क्षेत्र में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं और आपने पिछले कई वर्षों से वही सुना और देखा होगा। जिसका हम न्यायालय की भाषा में भी उल्लेख पाते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि जिसका हम भारतीय न्यायपालिका में केशवानंद भारती से लेकर के पुट्टास्वाामी तक। जिस बात की अक्सर हम लोग चर्चा करते हैं और न्यायालय में दलील देते हैं और इसीलिए मैं दीक्षांत समारोह के इस उपाधि प्राप्त करने के दिन उन्हीं बातों को यहां दोहराने आया हूं।
योगी ने कहा कि उसी बात से मैं अपने भाषण की शुरुआत करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अगर हम मान लें कि, हमारा जो केस नंबर है वह 2047 है, उसका जो सब्जेक्ट है वह है- विकसित भारत और उसके याची हैं 140 करोड़ भारतवासी और उन याची के अधिवक्ता के रूप में अगर आपको इस दलील को आगे बढ़ाना हो तो आपकी क्या स्थिति होगी?
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्योंकि इसको लेकर बहुत सारे प्रश्न आपके मन में ऊभर रहे होंगे कि विकास के लिए दलील, विकास के लिए वकील? यह सभी बातें आपके सामने उभर रही होंगी और इसीलिए मैं उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आपके बीच आया हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की जब हम बात करते हैं तो याद रखना कि 140 करोड़ लोगों का दावा और हर दावे को तथ्य, साक्ष्य और तर्क चाहिए। इसके लिए एक ईमानदार वकील भी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका प्रतिवादी कोई व्यक्ति, दल नहीं है। प्रतिवादी हैं वह लोग जो यथा स्थितिवादी हैं, जो यह मानकर चलें है कि यह हो ही नहीं सकता, वो कुछ भी मानने और स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और आपको अपना मुकदमा उसी जिद्दी प्रतिवादी से लड़ना है, जो किसी दलील को सुनने को तैयार नहीं।
मुख्यमंत्री ने 16 मई, 2014 का भी जिक्र किया, जब 30 वर्षों के बाद देश में एक ही पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि सुधारों में न केवल नए कानून लागू करना शामिल है बल्कि पुराने कानूनों को हटाना भी शामिल है, और इस प्रक्रिया को शुरू करने का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को भी समाप्त कर दिया गया, जिससे देश के लिए एक संविधान, एक ध्वज और एक विधान के सिद्धांत को बल मिला। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका अर्थ यह है कि सुधार केवल नए कानून लागू करने तक सीमित नहीं हैं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी के अवसर पर 19 अक्टूबर को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस फैसले से प्रदेश के लोगों को त्योहार मनाने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिलेगा।
