भारत नहीं आए बांग्लादेशी PM तारिक रहमान तो भड़कीं शेख हसीना, ‘दो देशों के रिश्ते किसी…’
ब्रिक्स समिट में तारिक रहमान के नहीं आने पर बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा कि विदेश नीति को थोड़े समय के राजनीतिक फायदे-नुकसान के हिसाब से नहीं चलाया जा सकता है

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ब्रिक्स समिट में बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के भारत नहीं आने पर तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बांग्लादेश ने भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया.
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, ”विदेश नीति को थोड़े समय के राजनीतिक फायदे-नुकसान के हिसाब से नहीं चलाया जा सकता है. ब्रिक्स समिट में बांग्लादेश की भागीदारी से उसके आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नए अवसर खुलते.”
चरमपंथ बढ़ रहा है- शेख हसीना
शेख हसीना ने कहा, ”बांग्लादेश को एक परिपक्व, संतुलित और आत्मविश्वास से भरी विदेश नीति की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि अगर नई दिल्ली में उनकी (शेख हसीना) मौजूदगी ही रहमान के शिखर सम्मेलन में शामिल न होने की वजह थी, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि दो देशों के रिश्ते किसी एक व्यक्ति से जुड़ी निजी बातों या राजनीतिक संवेदनशीलता के आधार पर तय नहीं किए जा सकते.
बांग्लादेश में व्यापक हिंसा के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत आईं थी. हिंसक भीड़ प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई थी. इसके बाद वो जान बचाकर भागीं. तब से ही वो भारत में हैं. उन्होंने कहा है कि जो भी परिस्थिति हो, वो बांग्लादेश लौटेंगी.
उन्होंने कहा, ”बांग्लादेश एक गंभीर राष्ट्रीय संकट से गुजर रहा है और लोकतांत्रिक गुंजाइश खत्म हो गई है. बांग्लादेश में अब चरमपंथी ताकतों को फिर से जगह मिल गई है.”
बांग्लादेश लौटने के सवाल पर क्या बोलीं शेख हसीना?
बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने वापस देश लौटने के सवाल पर कहा कि मैं बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी होना चाहती हूं, उनके अधिकारों के लिए लड़ना चाहती हूं और लोकतंत्र, सुरक्षा व विकास को बहाल करने में मदद करना चाहती हूं.
6 जनवरी 2009 से 5 अगस्त 2024 तक बांग्लादेश की पीएम रहीं शेख हसीना ने कहा कि मेरा बांग्लादेश लौटना लोकतंत्र, वोटिंग के अधिकार और कानून के शासन को बहाल करने की लड़ाई का हिस्सा है.
