गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय अब 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच से पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। फिर प्रदेश के 68000 ग्राम प्रहरियों के मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।
ग्राम प्रहरी पुलिस के लगातार संपर्क में रहें तो अपराधियों के मंसूबों पर समय रहते पानी फेरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी सजग हो तो सुरक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत होती है।
उन्होंने ग्राम प्रहरियों को बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं।
विकास के साथ जमीनों की गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में किसी भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस-प्रशासन को तत्काल दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिश्रम का परिणाम है। इस सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्हें जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करना होगा। संबोधन के अंत में उन्होंने भारत माता की जय और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इसके बाद ग्राम प्रहरियों के साथ सेल्फी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सजग होगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्यों के जरिये नींव के पत्थर की तरह योगदान देना होगा। गांव से लेकर जनपद और प्रदेश तक सुरक्षा व विकास की मजबूत कड़ी तैयार करने में उनकी भूमिका अहम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ विरासत और विकास के संगम को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था।
अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाकर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को अपनी भूमिका के प्रति सजग रहना होगा।
शारदीय नवरात्र में जगह-जगह मां जगतजननी की प्रतिमाएं स्थापित कर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें लोग भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश की छवि से देश और दुनिया में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।
पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण प्रदेश के लोगों को भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। अब लोग उत्तर प्रदेश के लोगों से परहेज नहीं करते, बल्कि सहजता से मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का सीधा संबंध विकास से है। जब माहौल सुरक्षित होता है तो सड़कें बनती हैं, निवेश आता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रदेश में आयोजित हो रहे मेले और उत्सव इसी विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित तकनीक से भी आरोपितों की पहचान करने में मदद मिल रही है।
ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे पुलिस से संपर्क बनाए रख सकें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो सके।
