दिल्ली में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को लेकर 2 FIR दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली में 12 अक्टूबर को हुए INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को लेकर बाराखंभा और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर केस दर्ज

दिल्ली में 12 अक्टूबर को हुए INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये FIR बाराखंभा और तिलक मार्ग पुलिस थानों में दर्ज की गई हैं. मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल FIR में दर्ज आरोपों और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है. पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा कि किन आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है.

नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकालकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया. राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दूसरे विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्ष ने SIR पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की.

सुप्रीम कोर्ट से पहले पुलिस ने रोका मार्च

विपक्षी नेताओं को मार्च दिल्ली में भगवान दास रोड पर पुलिस के बैरिकेड के पास रोक दिया गया था. प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद विपक्ष के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई.

10 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

INDIA ब्लॉक के 10 नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई. इसमें SIR प्रक्रिया को चुनौती देने और चुनाव आयोग के कामकाज पर उठाए गए सवालों की जांच की मांग की गई है. याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी पक्ष बनाया गया है.

13 अक्टूबर को राहुल गांधी ने बुलाई बैठक

राहुल गांधी ने 13 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं, नागरिक संगठनों और छात्र संगठनों को अपने आवास पर शाम 4 बजे चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है. इस बैठक से पहले विपक्षी नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है. बैठक का मकसद SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा करना है.

SIR को लेकर विपक्ष ने क्या आरोप लगाए?

विपक्ष का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं. विपक्षी दलों ने मांग की है कि नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच हो, गलतियों को सुधारा जाए और पात्र मतदाताओं का मतदान का अधिकार सुरक्षित रखा जाए.

 

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