मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस गैर जिम्मेदार राजनीतिक आचरण का परिचय दे रही है। कांग्रेस आज देश में अराजकता का पर्याय बनती जा रही है। अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए वह लोकतंत्र, देश की जनभावनाओं और चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रही है। दिल्ली में पिछले कई दिनों से कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है और अव्यवस्था का माहौल बन रहा है। कांग्रेस को देश में अराजकता फैलाने से बाज आना चाहिए। चेताते हुए कहा कि कांग्रेस ने अराजकता नहीं छोड़ी तो जो जनाधार बचा है उसे भी गंवाना पड़ेगा।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया है। इसमें इंडिया गठबंधन के सभी दल शामिल हो रहे हैं। इस मार्च से पहले सीएम योगी ने बिना राहुल गांधी का नाम लिए कांग्रेस को नसीहत के साथ ही चेतावनी दी।

गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बात करते हुए योगी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जिस तरह के गैर राजनीतिक आचरण का परिचय दे रहे हैं, उसे पूरा देश देख रहा है। कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है। वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। यानी प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। देश के कई अन्य राज्यों में भी जनता का कांग्रेस से मोहभंग हुआ है और वहां उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है। चुनाव जीतने पर कांग्रेस इसे अपनी जीत बताती है, जबकि हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। इसी तरह, न्यायालय मेरिट के आधार पर कोई फैसला देता है तो कांग्रेस की ओर से न्यायालय को कटघरे में खड़ा करने और उसे तरह-तरह की धमकियां देने का प्रयास किया जाता है। संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व पर भी विचार करना चाहिए। जिस नेतृत्व ने भ्रष्टाचार के कारण जनता का विश्वास खो दिया है, उसे बदलने की जरूरत है। कांग्रेस के लोगों को चाहिए कि वे देश की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता और युवा जागरूक हैं। उन्हें गुमराह करके और लगातार अराजकता पैदा करके लंबे समय तक जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। यदि कांग्रेस इसी तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत आचरण करती रही तो जो कुछ राजनीतिक जनाधार बचा है, उसे भी गंवाना पड़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह अराजकता का रास्ता छोड़कर जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करे और मेरिट के आधार पर अपनी बात रखे। स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना देश के लोकतंत्र और जनता, दोनों के हित में है।

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