SIR को लेकर विरोध के बीच CEC ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा बढ़ाई गई: रिपोर्ट
SIR को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मौजूदा Z+ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। दिल्ली स्थित उनके आवास, निर्वाचन आयोग मुख्यालय और उनकी निजी सुरक्षा टीम में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
लेखक: दीपिका भट्ट | अपडेट: 8 अक्टूबर 2026, सुबह 9:25 बजे IST
मतदाता सूची के जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की मौजूदा Z+ सुरक्षा को और मजबूत किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली स्थित कुमार के आवास, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय और उनकी निजी सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा बढ़ाने का फैसला उस समय लिया गया है, जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर दिल्ली और आगरा में CEC और उनके परिवार के आवास के पास प्रदर्शन किए।
खतरे के आकलन के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के दिल्ली स्थित आवास का पता लगाने और आगरा में उनके परिवार के घर के बाहर प्रदर्शन होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे का दोबारा आकलन किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया कि सभी संभावित खतरों का आकलन करने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और उनके आवास के पास अतिरिक्त पुलिस पिकेट भी लगाए गए।
प्रदर्शनकारी CEC के आवास के पास पहुंचे
इंडियन यूथ कांग्रेस ने पुष्टि की थी कि उसने 27 सितंबर को ज्ञानेश कुमार के आवास के पास प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया।
न्यू मोती बाग कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक कर्मचारी ने बुधवार को बताया कि प्रदर्शनों के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कर्मचारी के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने न्यू मोती बाग कॉलोनी में प्रवेश करने की कोशिश की थी और वे उनके आवास के काफी करीब तक पहुंच गए थे। इसके बाद कॉलोनी में अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि सुरक्षा जांच भी सख्त कर दी गई है। अब नए आने वाले लोगों को पहचान पत्र दिखाना और अपने आने का उद्देश्य बताना पड़ता है। अर्धसैनिक बलों को लेकर एक बस भी कॉलोनी के बाहर तैनात की गई है।
एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि उन्होंने इससे पहले इलाके में इतनी कड़ी सुरक्षा नहीं देखी थी। उनके मुताबिक, पुलिस की गाड़ियां चौबीसों घंटे कॉलोनी में तैनात रहती हैं और CEC के आवास के बाहर कमांडो भी नियमित रूप से दिखाई देते हैं।
Z+ सुरक्षा में क्या-क्या शामिल होता है?
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ज्ञानेश कुमार को हालिया सुरक्षा बढ़ोतरी से पहले भी Z+ सुरक्षा मिली हुई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नागरिकों को दी जाने वाली उच्चतम स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और दिल्ली पुलिस के 55 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल हो सकते हैं।
इस सुरक्षा व्यवस्था में चौबीसों घंटे निजी सुरक्षा अधिकारी, निगरानी कर्मी, गार्ड और क्लोज-प्रोटेक्शन टीम शामिल होती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्तों को Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके अलावा मध्य दिल्ली के अशोक रोड स्थित निर्वाचन आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की सुरक्षा भी मजबूत की गई है।
व्यवस्था की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने परिसर के अंदर अपनी तैनाती बढ़ा दी है।
पहले CISF के जवान भवन के प्रवेश और निकास द्वार, बाहरी सुरक्षा घेरे और समग्र सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते थे। एक अधिकारी के अनुसार, अब परिसर के भीतर CISF कर्मियों की संख्या में काफी वृद्धि की गई है।
अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में निर्वाचन आयोग मुख्यालय के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), CRPF और दिल्ली पुलिस के जवानों की भी तैनाती की गई है।
