देहरादून / बैंकॉक, 16 अगस्त: उत्तराखंड में सेवारत म्यांमार की प्रतिष्ठित शिक्षाविद प्रो. डॉ. सॉ हतुत संदर को बैंकॉक, थाईलैंड स्थित रॉयल थाई एयर फोर्स के बिफत्र हॉल में यूनाइटेड पीस कीपर्स फेडरल काउंसिल (UNPKFC) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में ग्लोबल मदर इंस्पिरेशन अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान उनके लिए 13वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है। पिछले कई वर्षों में उन्हें म्यांमार, भारत, थाईलैंड, नेपाल, भूटान और ताइवान से जुड़े संगठनों और संस्थानों द्वारा बौद्ध शिक्षा, शैक्षणिक अनुसंधान, मानवीय सेवा, नेतृत्व और शांति स्थापना में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
यह समारोह “माताएं लोगों को गढ़ती हैं, लोग शांति को गढ़ते हैं” (Mothers Shape People, People Shape Peace) के सार्थक विषय पर आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न देशों की प्रतिष्ठित महिलाओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मानवतावादी कार्यकर्ताओं और शांति समर्थकों ने भाग लिया।
उत्तराखंड में सेवारत प्रतिष्ठित शिक्षाविद
प्रो. डॉ. सॉ हतुत संदर वर्तमान में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय (RBBSU), देहरादून के महाप्रजापति गौतमी सुभारती स्कूल ऑफ बौद्ध स्टडीज (MGSSBS) में प्रोफेसर और सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। वे कई वर्षों से भारत में बौद्ध उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं और भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्रों का मार्गदर्शन कर रही हैं।

वे लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल में अतिथि प्रोफेसर; इंटरनेशनल बौद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन में धम्म सचिव; महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया की मानद सदस्य और UNPKFC में म्यांमार के लिए कंट्री रिप्रेजेंटेटिव भी हैं।
उनका शैक्षणिक कार्य बौद्ध इतिहास, ध्यान, शिक्षा, नैतिक नेतृत्व, शांति और म्यांमार की बौद्ध संस्कृति पर केंद्रित है। उन्होंने कई पुस्तकें और शोध लेख लिखे हैं और भारत, नेपाल, थाईलैंड, वियतनाम, चीन सहित अन्य देशों में 40 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र और व्याख्यान प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने RBBSU और इंटरनेशनल बौद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया, लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नागार्जुन विश्वविद्यालय, म्यांमार में धम्मदूत चेकिंदा विश्वविद्यालय और UNPKFC सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मानवीय सेवा के प्रति प्रतिबद्धता
प्रो. डॉ. सॉ हतुत संदर को यह ग्लोबल मदर इंस्पिरेशन अवार्ड बौद्ध अध्ययन, उच्च शिक्षा, सामाजिक कल्याण, मानवीय राहत और शांति को बढ़ावा देने में उनके निरंतर योगदान के लिए दिया गया।
विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियों के अलावा, उन्होंने 2014 में म्यांमार में अशोक वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना की। इस फाउंडेशन ने आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के लिए एक मुफ्त क्लिनिक की स्थापना की और दूरदराज व आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा देखभाल, शैक्षिक सहायता और राहत कार्यक्रम आयोजित किए।
उनकी मानवीय गतिविधियों में हजारों मरीजों के लिए स्वास्थ्य सहायता, म्यांमार में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सहयोग और नेपाल में भूकंप पीड़ितों व स्कूली बच्चों के लिए सहायता शामिल है।
बैंकॉक समारोह में प्रो. डॉ. सॉ हतुत संदर ने जोर दिया कि शिक्षा को न केवल ज्ञान बल्कि करुणा, नैतिक जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति सम्मान भी विकसित करना चाहिए।
बौद्ध छात्राएं भी सम्मानित
इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में MGSSBS और RBBSU से जुड़ी तीन बौद्ध छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
– नन पिन्न्यार वद्दी, एम.ए. बौद्ध स्टडीज तीसरे सेमेस्टर की छात्रा, को बौद्ध शिक्षा और निरंतर सीखने के प्रति उनके समर्पण के लिए इंटरनेशनल बुद्धिस्ट लाइफलॉन्ग लर्निंग अवार्ड मिला।
– नन कुसला चारी, एम.ए. बौद्ध स्टडीज तीसरे सेमेस्टर की छात्रा, को सामाजिक कल्याण और मानवीय सेवा में उनके योगदान के लिए डिस्टिंग्विश्ड ह्यूमैनिटेरियन एंड कम्युनिटी सर्विस अवार्ड मिला।
– इसके अलावा, MGSSBS के 2024-26 बैच के एम.ए. बौद्ध स्टडीज स्नातक भिक्षु विनय को संगठन के प्रति उनकी उदारता, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए UNPKFC से प्रशंसा प्रमाण पत्र मिला।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी यह पहचान रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, महाप्रजापति गौतमी सुभारती स्कूल ऑफ बौद्ध स्टडीज और उत्तराखंड के व्यापक शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया गया।
अपना 13वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने पर आभार व्यक्त करते हुए प्रो. डॉ. सॉ हतुत संदर ने यह पुरस्कार अपने शिक्षकों, सहयोगियों, छात्रों और बौद्ध शिक्षा व सामाजिक सेवा में उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों को समर्पित किया।
