गुरुग्राम में सिंथेटिक और घटिया पनीर की शिकायतों के बाद फूड एंड ड्रग्स अथॉरिटी (FDA) की फूड सेफ्टी विंग ने बुधवार को तीन डेयरी और फूड आउटलेट्स पर छापेमारी की। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। टीम ने यहां से पनीर के कई सैंपल लिए हैं, जिन्हें केमिकल जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।

जांच अभियान में फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. मनोज कुमार और मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम शामिल थी। टीम ने सोहना में दो प्रतिष्ठानों और पालम विहार में एक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, सभी जगहों के काउंटर से पनीर के कई सैंपल लिए गए और उन्हें केमिकल एनालिसिस के लिए लैब भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले थोक मांग बढ़ने के दौरान एनसीआर के बाजारों में मिलावटी डेयरी उत्पादों की समस्या सामने आती रही है। ऐसे नकली पनीर में पाम ऑयल, स्टार्च, डिटर्जेंट और सिंथेटिक व्हाइटनिंग एजेंट जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है।
पिछले साल गुरुग्राम की फूड सेफ्टी विंग को मिलावटी, बदबूदार या नकली डेयरी उत्पादों से जुड़ी 40 से ज्यादा औपचारिक शिकायतें मिली थीं। इनमें शहर के अलग-अलग सेक्टरों में क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर और मिठाई की दुकानों पर एक्सपायर्ड स्टॉक मिलने की शिकायतें भी शामिल थीं।
यह कार्रवाई हरियाणा FDA की ओर से जिलों में 22 पशु चिकित्सकों और तकनीकी अधिकारियों की तत्काल तैनाती के करीब एक सप्ताह बाद हुई है। इन अधिकारियों को गंभीर स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए तैनात किया गया है। इससे पहले पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा से जुड़े काम के लिए सिर्फ पांच फूड सेफ्टी ऑफिसर उपलब्ध थे।
