अयोध्या के बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के तार प्रतापगढ़ से और मजबूती से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
यहां के बाबूपुर नरियावां के मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ला के कमरे से 20 लाख की नकदी मिलने के बाद अब उसकी छानबीन उसके घर तक होगी। उसके भाइयों के बने नए घर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। एक तरह से उसका पूरा परिवार रडार पर है।
अविनाश के पकड़े जाने के बाद जांच चल ही रही थी कि उसके भाई के प्रसारित वीडियो में दिख रहे नोटों के बंडल ने पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। अब इससे यह संकेत मिला है कि रुपये का बंटवारा और निवेश कई लोगों के साथ हुआ होगा।
ऐसे में अयोध्या पुलिस जांच तेज करेगी। इसमें प्रतापगढ़ पुलिस का भी सहयोग लेने की वह तैयारी में। प्रतापगढ़ के एसपी से भी अयोध्या पुलिस संपर्क कर सकती है। अविनाश के अन्य भाइयों के इतिहास भूगोल का भी पता लगाएगी। अविनाश के भाई का वीडियो बहुत कुछ इशारा कर रहा है।
रुपये का इस तरह से प्रदर्शन करने वाला युवक बहुत साधारण परिवार का है, उसके पास रुपये लेकर रील बनाने के पैसे कहां से आए, इसकी तह में पुलिस जाएगी। अब पूरे परिवार पर कानून का शिकंजा कसेगा। यही नहीं अविनाश के भाइयों का नया मकान हाल ही में बना है।
माता-पिता पुराने घर पर रहते हैं, लेकिन बेटों का नया मकान किस पैसे से बना, अब इसकी भी छानबीन होगी। अविनाश के साथ अमित शुक्ला पर भी कार्रवाई हो सकती है। उसके बैंक खातों के भी जांच हो सकती है। एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय का कहना है कि अयोध्या पुलिस जांच में सहयोग चाहेगी तो दिया जाएगा।
