LPG डिलीवरी में बड़ा सुधार एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की सप्लाई को लेकर सरकार की तरफ से बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार ने बताया है कि अब वह ज्यादा घरेलू एलपीजी सिलेंडर्स की डिलीवरी कर रही है। सरकार ने कहा है कि वह मौजूदा डिमांड पूरी करने के साथ ही बैकलॉग को भी क्लीयर कर रही है, इससे संकेत मिलता है कि घबराहट में की जाने वाली खरीदारी (पैनिक बाइंग) कम हुई है और मार्च से कुकिंग गैस की उपलब्धता भी सुधरी है। यह बात टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में कही गई है।
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया है कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग की तारीख से इसके डिलीवरी टाइम में भी सुधार आया है। शर्मा ने बताया, ‘पिछले कुछ दिनों में हमारी एलपीजी सिलेंडर सप्लाई, बुकिंग से ज्यादा रही है। बुकिंग और डिलीवरी को वापस सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की जा रही है।’ उन्होंने कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां बैकलॉग को क्लीयर कर रही हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू उपलब्धता को सपोर्ट करने के लिए रिफाइनरीज में एलपीजी प्रॉडक्शन को बढ़ाकर करीब 50,000 टन प्रतिदिन किया गया है।
पिछले 4 दिन में 1.7 करोड़ से कुछ कम रीफिलिंग की बुकिंग हुई है। शर्मा ने बताया कि गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स 6 लाख ज्यादा सिलेंडरों की सप्लाई करने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने से पहले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग की तारीख से इसकी डिलीवरी का समय दो दिन का था। लेकिन, अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई चरम पर पहुंचने के समय यह बढ़कर 5 दिन से ज्यादा हो गया। उन्होंने बताया, ‘बैकलॉग सधी रफ्तार के साथ घट रहा है और अब डिलीवरी टाइम घटकर 4.5 दिन पर आ गया है।’ उन्होंने बताया कि बुकिंग से ज्यादा रीफिलिंग डिलीवर करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें एलपीजी कस्टमर्स को पीएनजी कनेक्शन हासिल करने के 30 दिनों के भीतर अपना गैस सिलेंडर कनेक्शन या तो सरेंडर करने या फिर ट्रांसफर वाउचर हासिल करने की अनुमति दी गई है। इस ट्रांसफर वाउचर की मदद से उपभोक्ता नॉन-पीएनजी एरिया में शिफ्ट होने पर अपना एलपीजी कनेक्शन दोबारा पा सकते हैं। ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि फ्यूल की कोई किल्लत नहीं है। सरकार और ऑयल रिटेल कंपनियां मौजूदा स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।
