चश्मा बेचने वाली कंपनी लेंसकार्ट से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मामले पर भड़कते हुए कहा- तेरे कक्का को भारत है का? अपनी कंपनी लाहौर में खोल लें… दरअसल पूरा मामला लेंसकार्ट द्वारा जारी किए गए एक इंटर्नल डॉक्यूमेंट से जुड़ा है, जिसमें कंपनी की तरफ से धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा बांधने और तिलक लगाने जैसी इन स्टोर गाइडलाइन जारी की गईं थीं।

लेंसकार्ट द्वारा अपने कर्मचारियों को तिलक लगाने, कलावा बांधने की मनाही की बात सामने आते ही बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह हंगामा करना शुरू कर दिया था। लोगों के बयान भी आने शुरू हो गए थे। इसी क्रम में अब धीरेंद्र शास्त्री ने तीखे स्वर में अपनी बात कही। पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- व्यस्तता के चलते नहीं कह पाए, लेकिन हमें तो कहना ही था। इसके बाद उन्होंने कंपनी का जिक्र करके घेरना शुरू किया।

“एक कंपनी है लेंसकार्ट, उसने अपने वर्करों को बोला है कि हमारे यहां कोई तिलक लगाकर नहीं आ सकता। मंगलसूत्र पहनकर नहीं आ सकता। बंधन लगाकर नहीं आ सकता। धीरेंद्र शास्त्री ने अजीब सा मुंह बनाते हुए इसके आगे कहा- ठठरी के बरे, नकक्टा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले। भारत में काहे को मर रहा है।”

कंपनी पर बरसते हुए धीरेंद्र शास्त्री बोले- “आगी के लगे, तेरे कक्का को भारत है का?” फिर सीना ठोकते हुए कहा- “हां हमारे तो बाप को भारत है। जिनको तिलक से चंदन से, बंधन से, राम से, श्याम से, हनुमान से, बाबा बागेश्वर से दिक्कत हो, वो पतली गली लाहौर खिसक लें। लेंसकार्ट वालों से भी कहेंगे, बेटा गड़बड़ हो गए हो तुम। अभी भी मौका है, सुधर जाओ। वरना भारत को कानून सिधार भी देता है और यूपी की पुलिस तो वैसे भी फेमस है।”

आपको बताते चलें कि लेंसकार्ट कंपनी की तरफ से इस मामले में माफी मांग ली गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रहे बवाल को देखते हुए लिखित में माफी मांगी और कंपनी के लिए नई इन स्टोर गाइड लाइन जारी की। इसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। नई नीति में टीम के सदस्यों द्वारा आस्था से जुड़े सभी प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को स्वीकार किया गया है।

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