मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत सहित कई देशों में एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ा है। जिसकी वजह से कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। 1 अप्रैल को देश में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 195 रुपये से 218 रुपये तक बढ़ा गया था। इसके अलावा 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर के रेट में 51 रुपये का इजाफा हुआ था। बता दें, तब घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। आखिरी बार घरेलू सिलेंडर का दाम 7 मार्च 2026 को बढ़ाया गया था। तब कीमतों में 60 रुपये का इजाफा हुआ था। जिसके बाद दिल्ली में घरेलू सिलेंडर का रेट 913 रुपये हो गया था।

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट दिल्ली में बढ़कर 2078.50 रुपये और मुंबई में 2031 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख शहरों में 195.50 रुपये का इजाफा हुआ था। चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट 218 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 2208 रुपये हो गया। वहीं, चेन्नई में 203 रुपये का इजाफा हुआ। जिसके बाद इस शहर में रेट 2246 रुपये हो गया।

कीमतों में हो रहे इजाफे का सीधा सम्बंध मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष से है। 28 फरवरी से अबतक क्रूड ऑयल की कीमतों में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित होने की वजह से सप्लाई चेन बाधित हुई है।

ईरान युद्ध की वजह से भारत में कुछ ही एलपीजी टैंकर पिछले एक महीने में पहुंचे हैं। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी के देशों से आयात करता है। लेकिन युद्ध ने सप्लाई चेन को बुरी तरह झकझोर दिया। केंद्र सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी बढ़ाने का निर्देश दिया है। जिससे देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ना हो।

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