LPG संकट के बीच भारत को बड़ी खुशखबरी मिली है। मंगलवार को गुजरात के बंदरगाह पर नंदा देवी जहाज भी पहुंच गया है। खास बात है कि यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत पहुंचने वाला दूसरा जहाज है। इससे पहले शिवालिक ने सोमवार को भारत में एंट्री की थी। दोनों जहाज मिलकर 90 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत पहुंचे हैं, जो संकट के बीच बड़ी राहत का काम कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर नंदा देवी जहाज गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा है। शनिवार को ही शिपिंग मिनिस्ट्री में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी 16 और 17 मार्च को भारत पहुंच सकते हैं। नंदा देवी के भारत पहुंचने के बाद संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि 24 हजार मीट्रिक टन तमिलनाडु भेजा जाएगा।
सिन्हा ने कहा था कि संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 80,800 टन मुरबान कच्चा तेल ले जा रहा जहाज ‘जग लाडकी’ और उस पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। जग लाडकी उन 28 भारतीय जहाजों में से चौथा जहाज है जो पिछले दो हफ्तों से युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं।
वर्तमान में, पश्चिमी फारस की खाड़ी में 611 नाविकों सहित 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं। दो एलपीजी लदे जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की और 14 मार्च की सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।
उन्होंने बताया था कि पहला जहाज, शिवालिक, गुजरात के मुंदड़ा बंदरगाह पर पहुंचा, जहां अग्रिम कागजी कार्रवाई और प्राथमिकता के आधार पर माल उतारने की व्यवस्था की गई थी। दूसरा जहाज, नंदा देवी, मंगलवार सुबह कांडला बंदरगाह पर पहुंचने वाला है।
दोनों जहाजों में लगभग 92,712 टन एलपीजी है। यह देश में एक दिन की खाना पकाने की गैस की आवश्यकता के बराबर है। ये उन 24 जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे 24 जहाजों के अलावा, चार अन्य पूर्वी हिस्से में फंसे हुए थे।
