नई दिल्ली, 14 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में विश्व आयुर्वेद परिषद्, पश्चिम संभाग, दिल्ली प्रांत द्वारा आयोजित स्वामी वैद्यशाला, एफ-11/1, देवकुंज, द्वारका सेक्टर-7, नई दिल्ली 110077 में 8 मार्च से 14 मार्च तक चलने वाला महिला स्वास्थ्य शिविर अंतर्राष्ट्रीय वैद्य डा. स्वामीनाथ मिश्र संस्थापक एवं चेयरमैन रसेश्वर आयुर्वेद संस्थान व एस.वी.एस. आयुर्वेद पंचकर्म एवं भौतिक चिकित्सा केंद्र के बौद्धिक उद्बोधन के साथ पूर्णता को प्राप्त किया।
वैद्य स्वामीनाथ मिश्र ने आयुर्वेद चिकित्सा के महत्व को प्रतिपादित करते हुए स्त्री रोग के संदर्भ में आयुर्वेद जीवन शैली व पंचकर्म थेरेपी के उपयोगिता को बताया। वैद्य मिश्र ने कहा कि आयुर्वेद व पंचकर्म द्वारा अनेक जटिल व क्रानिक बीमारियां सहजता से ठीक होतीं हैं। शिविर में साठ महिलाओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ तथा स्वास्थ्य परामर्श लेकर शिविर के उद्देश्य को परिपूर्ण किया।
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञा डा. वैद्या स्वाति त्यागी, वैद्या सुमन देशवाल, त्वचा रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञा डा. वैद्या अदिति श्रीवास्तवा तथा डा. शिवानी मिश्रा पाण्डेय, पंचकर्म व फिजियोथेरेपिस्ट विशेषज्ञ ने अपनी सेवायें दीं। इन चिकित्सकों की निःस्वार्थ सेवा के लिए रसेश्वर आयुर्वेद संस्थान ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया गया।
शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं को निम्नलिखित निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गईं:
– 7 दिनों की निःशुल्क आयुर्वेदिक दवाएं
– निःशुल्क फिजियो कंसल्टेशन
– निःशुल्क आयुर्वेद कंसल्टेशन
– निःशुल्क त्वचा और बाल कंसल्टेशन
– निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श
जलपान आदि की सम्मान सहित संपूर्ण सुंदर व्यवस्था स्वामी वैद्य शाला द्वारा की गयी। क्षेत्रीय लोगों ने इस प्रकार के कार्यों की भूरि भूरि सराहना की। कार्यक्रम का संचालन विश्व आयुर्वेद परिषद दिल्ली प्रांत के प्रभारी अधिकारी डा. वैद्य अनिल शुक्ल द्वारा गठित एक टीम द्वारा की गयी, जिसमें डा. प्रो. योगेश कुमार पाण्डेय, प्रो. महेश कुमार, डा. वैद्य संतोष कुमार, सदस्य रहे। वैद्य स्वामीनाथ मिश्र का मार्गदर्शन तथा स्वामी वैद्य शाला के निदेशक डा. अवधेश पाण्डेय का सफल संयोजन रहा।
केंद्र की संचालिका डा. शिवानी मिश्र पाण्डेय ने अपने स्टाफ श्री शीशपाल, श्रीमति निरूपा, सुश्री निशा, कु. नीलम, सहित सभी सहयोग करने वाले सभागियों का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त कीं कि भविष्य में भी सबके सहयोग से इसी प्रकार के और कार्य भी हम करके जन आकांक्षा को पूर्ण कर सकेंगे। भगवान धन्वंतरि की वंदना और कल्याण मंत्र के साथ शिविर परिपूर्णता को प्राप्त किया।
