ईरान-अमेरिका- इजरायल वॉर के बीच सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। कारोबार की शुरुआत में ही यह 2 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 5,390 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। चांदी की कीमत में 2.4 प्रतिशत का उछाल आया और यह 96.04 डॉलर पर जा पहुंची। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक पिछले सप्ताह ही इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती आई थी। सप्ताहांत में हालात और भी भड़क गए जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए और तेहरान ने कई देशों में मौजूद ठिकानों पर मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष के पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता, आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर भी सामने आई।

सोने की इस लंबी रैली के पीछे सिर्फ यह ताजा घटनाक्रम ही नहीं है, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उथल-पुथल भी बड़ी वजह रही है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और निवेशकों का सरकारी बॉन्ड व मुद्राओं से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ना भी कीमतों को समर्थन दे रहा है। हालांकि, जनवरी के अंत में 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से कुछ गिरावट के बावजूद, इस साल अब तक सोने ने करीब एक-चौथाई का रिटर्न दिया है।

फरवरी में सोने ने लगातार सातवें महीने बढ़त दर्ज की, जो 1973 के बाद सबसे लंबी लगातार मासिक बढ़त का सिलसिला है। ईरान के साथ युद्ध से पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप ने काफी आक्रामक विदेश नीति अपना रखी थी। इसी साल जनवरी में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था और ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की धमकियां भी दी गई थीं।

शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान में कई जगहों पर हमले किए और वहां की जनता से इस्लामिक शासन के खिलाफ विद्रोह करने की अपील की। इसके जवाब में तेहरान ने इजराइल के अलावा कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी अड्डों और ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इससे तेल की कीमतों में पिछले चार साल की सबसे बड़ी छलांग लगी। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक कच्चे तेल बाजार में हड़कंप मच गया है, वहीं डॉलर भी मजबूत हुआ है।

 के रणनीतिकार अहमद असिरी का कहना है कि सोमवार को सोने में यह तेजी “बढ़ती क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों द्वारा सुरक्षित ठिकाना तलाशने का शुरुआती संकेत है।” Lotus Asset Management Ltd. के मुख्य निवेश अधिकारी होंग हाओ ने इस रुझान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “डॉलर के मजबूत होने के बावजूद कीमती धातुएं, तेल और कमोडिटीज बढ़ रही हैं, भले ही उनकी कीमत डॉलर में तय होती है। यह दर्शाता है कि इस असाधारण दौर में ये भौतिक संपत्तियां ही असली मजबूत मुद्रा हैं।”

सोमवार सुबह ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सिंगापुर में सुबह सोना 1.9 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,380.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी की कीमत में 2.4 प्रतिशत का उछाल आया और यह 96.04 डॉलर पर जा पहुंची। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी तेजी देखी गई।

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