आजादी के अमृत महोत्सव का जश्न पूरे देश में है और स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहराया। इसके बाद उन्होंने देश को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले, आहुती देने वाले, देश को आजादी के बाद बनाने वाले महापुरुषों को नमन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने परिवारवाद पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि परिवारवाद से नफरत क्यों जरूरी है।
‘परिवारवाद ने प्रतिभाओं में कुंठा भर दी है’
दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परिवारवाद से नफरत जरूरी है क्योंकि इसने प्रतिभाओं में कुंठा भर दी है। पीएम ने कहा कि मैं भाई भतीजावाद, परिवारवाद की बात करता हूं तो लोगों को लगता है मैं सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र की बात कर रहा हूं। दुर्भाग्य से राजनीति की इस बुराई ने हिन्दुस्तान की सभी संस्थाओं में परिवारवाद को पोषित कर दिया है। इससे मेरे देश की प्रतिभा को नुकसान होता है।
‘भाई-भतीजावाद के खिलाफ जंग लड़ना होगा’
पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि मै भाई-भतीजावाद के खिलाफ जंग में युवाओं का साथ चाहता हूं। मैं इन विषयों पर चर्चा करना चाहता हूं। इन चुनौतियों, विकृतियों, बीमारियों के खिलाफ अगर समय रहते नहीं चेते तो विकराल रूप ले सकते हैं।
भ्रष्टाचार पर भी जमकर बरसे पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत जैसे लोकतंत्र में जहां लोग गरीबी से जूझ रहे हैं। एक तरफ वो लोग हैं, जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है। दूसरे वे लोग हैं, जिनके पास लूटी हुई रकम रखने की जगह नहीं है। हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है। जो लोग पिछली सरकारों में बैंकों को लूट लूट कर भाग गए। हम उनकी संपत्ति जब्त कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि जिन लोगों ने देश को लूटा है, उनके लिए ऐसी स्थिति बनाई जाए, कि उन्हें लूटा हुआ पैसा लौटाना पड़े।

‘भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा’
पीएम मोदी ने कहा, भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। मुझे इसके खिलाफ लड़ना है. मुझे इसके खिलाफ लड़ाई को तेज करना है। मुझे 130 करोड़ भारतीयों का साथ चाहिए, ताकि मैं इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकूं। इसलिए मेरे देशवासियों ये चिंता का विषय है भ्रष्टाचार के प्रति नफरत दिखती है। लेकिन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई चेतना नहीं दिखती।

इसके अलावा लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के आगे पांच प्रण रखे तो स्वदेशी का मंत्र भी दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ना होगा और इसके लिए स्वदेशी का मंत्र जरूरी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आने वाले 25 सालों में मैं अपनी माताओं-बहनों और नारी शक्ति के योगदान को अहम मानता हूं।

2022-08-15 15:50:20
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