मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित किया और अपनी और पिछली सरकारों के कामकाज की रिपोर्ट भी रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में उपद्रव की जगह उत्सव का माहौल बना है और सरकार की योजनाओं के केंद्र में आधी आबादी मां, बहन और बेटियां हैं। पहले प्रदेश में महज 12 प्रतिशत महिलाएं कामकाजी थीं, अब यह आंकड़ा बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा और रोजगार से लेकर उद्यमिता तक आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिलाओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती थी। बेटियों और बहनों की जुबान पर सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी। ‘देख सपाई बिटिया घबराई’ का नारा गूंजता था, ऐसे माहौल में महिलाओं के स्वावलंबन की बात करना मुश्किल था। पेंशन और छात्रवृत्ति में बिचौलियों का दखल था, जबकि नकल माफिया, भू-माफिया और हर तरह में माफिया सिंडिकेट प्रदेश की पहचान बन गए थे।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी पर्याप्त नहीं थी। भाजपा सरकार आने के बाद उपद्रव की जगह उत्सव का माहौल बना है और महिलाओं को भयमुक्त वातावरण मिला है। सरकार की योजनाओं का सबसे बड़ा केंद्र आधी आबादी हैं। घर-घर शौचालय, पक्के मकान, जल जीवन मिशन, डीबीटी और मुख्यमंत्री सुमंगला योजना जैसी योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं को मिला है। इन योजनाओं ने महिलाओं की जिंदगी आसान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आधार दिया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार की आगामी योजनाओं का भी उल्लेख किया। बताया कि अक्टूबर-नवंबर में स्नातक की पढ़ाई कर रही 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में चल रही 32 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए होंगे। कार्यक्रम में योजना के जरिये उन्होंने महिला सम्मान और सुविधा से जुड़े अपने फैसलों को जनता के सामने रखा और आने वाले समय में महिलाओं के लिए और योजनाएं लाने का संकेत भी दिया।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और कुछ महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से योजना के कार्ड भी दिए गए। महिलाओं को उपहार के रूप में मिष्ठान, साड़ी और बैग भी दिए गए। योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं आधार कार्ड या वोटर कार्ड दिखाकर रोडवेज की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इससे बुजुर्ग महिलाओं को अपने रिश्तेदारों, धार्मिक स्थलों और दूसरे जरूरी कामों के लिए आने-जाने में आर्थिक राहत मिलेगी।

रक्षाबंधन को देखते हुए सरकार ने सभी महिलाओं को भी राहत दी है। 27 से 29 अगस्त तक रोडवेज की सभी बसों में महिलाएं अपने सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम ने विशेष बसों की व्यवस्था की है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का वादा किया था। योजना शुरू कर सरकार ने इसे पूरा करने का संदेश दिया है। रक्षाबंधन पर तीन दिन सभी महिलाओं को सहयात्री सहित मुफ्त यात्रा की सुविधा देकर सरकार ने महिला सम्मान के साथ ही बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश की है

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा कि 56 वर्ष के युवा नेता को संविधान और देश की परंपराओं की जानकारी होनी चाहिए। मनु स्मृति में नारी की पूजा का उल्लेख है।

 

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