राजधानी में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने की प्रक्रिया और सख्त होने जा रही है, 14 सितंबर से दोपहिया वाहन चालक को महज 90 सेकंड व चार पहिया वाहन को 3.82 मिनट में टेस्टिंग ट्रैक पार करना होगा। फेल होने पर आवेदक का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।

परमानेंट डीएल के लिए ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के एट ट्रैक (आठ अंक की डिजाइन) बना है, चूक होने पर सेंसर बीप करेगा।

लखनऊ के उदेत खेड़ा मौंदा में पहले निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (डीटीटीआइ) का उद्घाटन 30 जून को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया था। दो माह में इसका संचालन शुरू नहीं हो सका, क्योंकि केंद्र पर प्रतिदिन 150 लोगों का ही टेस्ट हो सकता था, अब इसे बढ़ाकर 250 से 300 किया गया है।

परमानेंट डीएल का आनलाइन स्लाट बुक कराने वालों को पहले ट्रांसपोर्ट नगर या देवा रोड एआरटीओ कार्यालय जाना होगा।

आवेदन की स्क्रूटनी, बायोमीट्रिक कराने के बाद आवेदक को उदेत खेड़ा मौंदा की राह पकड़नी होगी, ट्रांसपोर्ट नगर से नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया होकर 12 व कानपुर रोड किसान पथ होकर 20 किलोमीटर की दूरी पर है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *