तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख अभिनेता सी. जोसेफ विजय और उनके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के बीच गठबंधन पीरियड खत्म होता दिख रहा है। दोनों पार्टियां सरकार बनाने के कुछ ही महीनों बाद 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर आमने-सामने आ गई हैं। सवाल यह है कि विपक्ष का प्रधानमंत्री चेहरा कौन होगा- राहुल गांधी या विजय?
दूसरी ओर, राज्य मंत्री एस. राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि अगर टीवीके 2029 में राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार के रूप में समर्थन नहीं करती तो कांग्रेस के मंत्री इस्तीफा दे देंगे।
यह विवाद विधानसभा तक पहुंच गया, जहां कांग्रेस विधायक थाराहई कुथबर्ट को टीवीके सदस्यों वाले सेक्शन से विपक्षी बेंचों की फ्रंट रो में शिफ्ट कर दिया गया।
अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव ने करीब छह दशक पुरानी डीएमके-एआईएडीएमके की दबदबे वाली राजनीति को तोड़ दिया। महज दो साल पुरानी टीवीके 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी।
डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, इसलिए विजय ने कांग्रेस (5), वीसीके (2), आईयूएमएल (2) और लेफ्ट पार्टियों (4) के समर्थन से सरकार बनाई। बाद में एमडीएमके ने भी समर्थन दिया। विजय 10 मई को मुख्यमंत्री बने।
कांग्रेस लंबे समय से डीएमके के साथ थी, लेकिन चुनाव बाद टीवीके के साथ आ गई। गठबंधन में अंतर्विरोध साफ है कांग्रेस को विजय की सरकार बचाने के लिए उनकी जरूरत है, लेकिन वह नहीं चाहती कि विजय राष्ट्रीय विपक्ष के नेता के रूप में उभरें।
इतिहास में एचडी देवेगौड़ा, आईके गुजराल और चंद्रशेखर जैसे नेता कम सीटों के बावजूद पीएम बने थे, लेकिन वह गठबंधन राजनीति का दौर था। आज बीजेपी ने एनडीए को मजबूत राष्ट्रीय गठबंधन बना लिया है।
विजय अभी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं। राहुल गांधी के पास कांग्रेस का इतिहास, गठबंधन और नेहरू-गांधी विरासत का बोझ है, जबकि विजय एक नए राजनीतिक बल के रूप में कम बोझ के साथ आते हैं। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने साफ कहा कि हर पार्टी के सपने होते हैं, लेकिन राजनीतिक हकीकत 543 सीटों की है।
