यूपी के प्रयागराज में हंडिया बाजार में सपा नेता व पूर्व प्रधान पवन कुमार यादव की सरेआम गोली मारकर हत्या का पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मुगरांव गांव के प्रधानपति विनोद यादव ने राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता और पुरानी रंजिश के चलते हत्या की सुपारी दी थी। हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला को हत्या के बदले पांच लाख रुपये देने का वादा किया था।

पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में लल्ला और उसके साथी निहाल अहमद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं सुपारी देने के आरोपी प्रधानपति विनोद यादव और वारदात में शामिल बृजेश यादव को भी पकड़ लिया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार को परिजनों, ग्रामीणों और समर्थकों ने हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक प्रयागराज-वाराणसी और वाराणसी-कानपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने जाम समाप्त कराया।
पुलिस के अनुसार, गांव का ही जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला वर्ष 2022 में शशांक हत्याकांड में जेल गया था। उसे पवन यादव पर पुलिस की मुखबिरी करने का शक था। इसी रंजिश के चलते वह पवन की हत्या के लिए तैयार हो गया। डेढ़ माह पहले विनोद और लल्ला ने हत्या की साजिश रची। विनोद ने लल्ला को पांच लाख रुपये देने का वादा किया और तमंचा-कारतूस खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिए। इसके बाद लल्ला ने बगहा हंडिया निवासी बृजेश यादव और ज्ञानपुर भदोही निवासी निहाल अहमद को 50-50 हजार रुपये देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया।
कई दिनों तक पवन यादव की रेकी करने के बाद मंगलवार शाम लल्ला, बृजेश और निहाल ने हंडिया पवन को गोली मार दी। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बुधवार को सरायकस्तूरी बाग के पास से विनोद और बृजेश को गिरफ्तार किया। वहीं हंडिया पुलिया से जसवा की ओर नहर रोड स्थित बाग के पास पुलिस की मुठभेड़ में लल्ला और निहाल पकड़े गए। दोनों को पैर में गोली लगने से अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सपा नेता पवन यादव की हत्या पर बुधवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने शाम को हंडिया ओवरब्रिज के पास हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इससे प्रयागराज-वाराणसी और वाराणसी-कानपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सामने ही हाईवे की डिवाइडर पर लगी रेलिंग तोड़ दी। मृतक के परिजन हत्यारोपियों का एनकाउंटर करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने पर अड़े रहे। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हाईवे से तितर-बितर किया। अफसरों के आश्वासन के बाद लोग माने और हाईवे से हटे। करीब दो घंटे बाद यातायात चालू हुआ।
पवन यादव का शव बुधवार को शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद मुगरांव गांव पहुंचा। शव देखते ही ग्रामीणों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद शव लेकर हंडिया ओवरब्रिज के पास हाईवे पर पहुंच गए और चक्काजाम कर दिया। लोगों ने हत्यारोपियों के फुल एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई के अलावा मृतक आश्रित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने, मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी, दो बीघा जमीन और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की। चक्काजाम की सूचना मिलते ही हंडिया समेत आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। पुलिस बल के सामने ही भीड़ ने रेलिंग तोड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम हंडिया नंदिनी शाह और एसीपी शेषधर पांडेय ने समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सपा नेत्री समेत कइयों को हिरासत लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। एसडीएम ने मृतक के परिजनों को उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने और पूरा कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
सपा नेता पवन यादव का बुधवार को गम और गुस्से के बीच पोस्टमार्टम हुआ। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। कई थानों के प्रभारी और कई एसीपी भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम हाउस में पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, एमएलसी मान सिंह, विधायक विजमा यादव सहित कई नेता पहुंचे। पवन यादव के परिजनों और पार्टी के लोगों की मांग थी कि डीएम मौके पर आकर उनसे बात करें, उन्हीं के समक्ष वह अपनी मांगें रखेंगे। एडीसीपी सिटी जोगेंद्र लाल व एसडीएम हंडिया नंदिनी शाह ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पवन के भाई अशोक व बेटे प्रिंस यादव से बातचीत की।
