रामनगरी में इस बार दीपोत्सव की छटा सिर्फ दीपों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के प्रवेश द्वारों से लेकर राम की पैड़ी तक रामायण के प्रसंग श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। कहीं धनुष भंग और राम-सीता विवाह की झलक दिखेगी तो कहीं शबरी की भक्ति, राम-भरत मिलाप और जटायु के प्रति प्रभु श्रीराम का स्नेह देखने को मिलेगा। रामायण के प्रसंगों को त्रिआयामी कलाकृतियों के जरिये जीवंत करने के लिए शहर में 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार और 20 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इन कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को रामकथा के प्रमुख प्रसंगों से जोड़ने की तैयारी है। खास बात यह है कि प्रवेश द्वारों पर रामायण की चौपाइयां भी अंकित की जा रही हैं। इससे सजावट के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश भी दिया जाएगा।
दीपोत्सव के लिए तैयार किए जा रहे 13 थीमेटिक प्रवेश द्वारों में तीन हाईवे के प्रवेश मार्गों पर और दस राम की पैड़ी क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। इन पर रामायण की चौपाइयां अंकित होंगी। वहीं, 20 सेल्फी प्वाइंट में दस रामकथा मार्ग और दस लता चौक से राम की पैड़ी तक बनाए जा रहे हैं। इनकी डिजाइन रामायण के प्रमुख प्रसंगों और सातों कांड की अवधारणा पर आधारित है। हनुमान की लीलाओं से राम-सीता विवाह तक दिखेगी रामकथा: सेल्फी प्वाइंटों पर रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों को कलात्मक रूप दिया जा रहा है। इनमें श्रीराम का धनुष भंग, राम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति, राम-भरत मिलाप, निषादराज से मित्रता और जटायु संग प्रभु श्रीराम का संवाद और कुछ कलाकृतियों में हनुमान के अनूठे स्वरूप और उनकी भक्ति को भी उकेरा जा रहा है।