Slow Internet Problem: फोन में नेटवर्क फुल फिर भी धीमा चल रहा इंटरनेट, ऐसा क्यों होता है?
Slow Internet Problem: फोन में नेटवर्क की सारी डंडियां फुल हैं और ऊपर 5G भी दिख रहा है फिर भी इंटरनेट एकदम स्लो चल रहा है? इसके पीछे आखिर क्या वजह होती है? जान लीजिए कैसे कर सकते हैं इस दिक्कत को सही.

Slow Internet Problem: कई बार घर के किसी कोने में चले जाने पर फोन के सिग्नल कम हो जाते हैं और इंटरनेट स्लो चलता है. मगर जब फोन में नेटवर्क पूरे दिख रहे हों तो लोग सोचते हैं कि अब इंटरनेट चलाने में दिकक्त नहीं आएगी. लेकिन जैसे ही इंस्टाग्राम चलाओ को लोडिंग रहती होती है और यू़ट्यूब चलाओ तो बफरिंग होती रहती है. ऐसे में लोग परेशान होकर टेलिकाॅम कंपनी को बुरा भला कहने लगते हैं.
लेकिन यहां गलती कंपनी की नहीं बल्कि आपकी है. दरअसल फोन में दिखने वाले सिग्नल बार सिर्फ यह बताते हैं कि आपका फोन नजदीकी मोबाइल टावर से कितनी मजबूती से जुड़ा है उनका इंटरनेट की स्पीड से सीधा लेना-देना नहीं होता. यह ठीक वैसा ही है जैसे आप किसी हाईवे पर खड़े हो सड़क एकदम बढ़िया हो लेकिन आगे भयंकर ट्रैफिक जाम लगा हो. ऐसे में आपकी गाड़ी काफी स्लो चलेगी. चलिए आपको बताते हैं कि फुल नेटवर्क के बाद भी इंटरनेट स्लो क्यों हो जाता है.
मोबाइल टावर पर भारी ट्रैफिक
फुल सिग्नल होने के बावजूद इंटरनेट स्लो होने की सबसे बड़ी वजह है नटवर्क कंजेशन यानी एक ही टावर पर जरूरत से ज्यादा लोगों का लोड. जब आप किसी भीड़भाड़ वाले इलाके, मॉल, रेलवे स्टेशन या शाम के वक्त अपने घर पर होते हैं तो आपके आसपास के हजारों लोग एक ही मोबाइल टावर से कनेक्टेड होते हैं. हर मोबाइल टावर की डेटा सप्लाई करने की एक तय क्षमता यानी बैंडविड्थ होती है.
जब एक ही समय पर बहुत लोग HD वीडियो स्ट्रीम करने लगते हैं. फाइलें डाउनलोड करते हैं या ऑनलाइन गेमिंग करते हैं. तो टावर का डेटा पाइप जाम हो जाता है. आपके फोन को टावर से सिग्नल तो पूरा मिल रहा होता है इस वजह से नेटवर्क फुल दिखता है.
लेकिन टावर के पास आपको तेज स्पीड देने के लिए पर्याप्त बैंडविड्थ ही नहीं बचती. इसके अलावा फोन किस फ्रीक्वेंसी बैंड से जुड़ा है यह भी मायने रखता है. लो-फ्रीक्वेंसी बैंड दीवारों को पार करके घर के अंदर फुल सिग्नल तो दे देते हैं. लेकिन उनकी डेटा स्पीड हाई-फ्रीक्वेंसी बैंड के मुकाबले काफी कम होती है.
आपके स्मार्टफोन की सेटिंग्स
कई बार गलती नेटवर्क या टावर की नहीं बल्कि खुद आपके स्मार्टफोन की होती है. हमारे फोन में कई ऐसे ऐप्स होते हैं जिन्हें हम इस्तेमाल नहीं भी कर रहे हों. तब भी वे बैकग्राउंड में चुपचाप डेटा खींचते रहते हैं. क्लाउड पर फोटोज का ऑटो-बैकअप होना प्ले स्टोर पर ऐप्स का अपने-आप अपडेट होना या सोशल मीडिया ऐप्स का लगातार नोटिफिकेशन सिंक करना आपकी इंटरनेट स्पीड का बड़ा हिस्सा खा जाता है.
बैकग्राउंड में चलते ऐप्स
इसके अलावा, अगर आपके फोन में डेटा सेवर या बैटरी सेवर मोड ऑन है. तो फोन खुद-ब-खुद इंटरनेट की रफ्तार पर ब्रेक लगा देता है ताकि बैटरी और डेटा बचाया जा सके. एक और बड़ी वजह है फोन की कैश मेमोरी और पुराना नेटवर्क कैश.
जब हम महीनों तक फोन को रीस्टार्ट नहीं करते तो नेटवर्क कॉन्फिगरेशन में छोटे-मोटे बग्स आ जाते हैं. वहीं अगर आप किसी VPN का इस्तेमाल कर रहे हैं तो डेटा घूमकर दूसरे देश के सर्वर से आता है. जिससे फुल नेटवर्क होने पर भी स्पीड आधी से कम रह जाती है.
स्लो इंटरनेट को ठीक करने के आसान तरीके
अगर आप भी फुल सिग्नल के बावजूद कम स्पीड से परेशान हैं. तो कुछ आसान ट्रिक्स आजमा सकते हैं. सबसे कारगर तरीका एयरप्लेन मोड. अपने फोन को 15-20 सेकंड के लिए फ्लाइट मोड पर डालें और फिर ऑन करें. इससे आपका फोन पुराने और भीड़ वाले नेटवर्क बैंड को छोड़कर सबसे फ्रेश और तेज सिग्नल चैनल से दोबारा कनेक्ट हो जाता है.
दूसरा तरीका है अपने फोन की नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर Reset Network Settings करना या एक बार APN यानी Access Point Name को डिफॉल्ट पर सेट करना. अगर आपके इलाके में 5G बार-बार अटक रहा है. तो फोन को मजबूरन 5G पर रखने के बजाय कुछ देर के लिए 4G/LTE पर स्विच कर लें. क्योंकि कई बार स्टेबल 4G नेटवर्क स्लो वाले 5G से बेहतर काम करता है.
