यूपी में 29 अगस्त के बाद बारिश में व्यापक कमी के आसार हैं। छुटपुट बारिश के बीच अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क हो सकता है। हालांकि इससे पहले यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दिन-रात का तापमान क्रमश: 35.5 एवं 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 1.8 एवं 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त के बाद यूपी में बारिश की गतिविधियों में व्यापक कमी आ सकती है। अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क हो सकता है। तराई वाले हिस्सों में ही छुटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती प्रभाव से मानसूनी बारिश मंगलवार को भी जारी रही। सुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रुक-रुक देर रात तक जारी रहा। पिछले 24 घंटे में 12.4 मिमी बारिश हुई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सोमवार के अधिकतम तापमान के बराबर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 25 से 31 अगस्त तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
सावन माह के आखिरी दिनों में मानसून जिले पर मेहरबान है। बीते 24 घंटों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलने के साथ ही खरीफ की सभी फसलों को बारिश से फायदा हुआ है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। मंगलवारको अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रिकार्ड किया गया जो कि सोमवार के मुकाबले दो डिग्री कम रहा।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून पर अलनीनो के बढ़ते प्रभाव के बीच बंगाल की खाड़ी पर बना लो प्रेशर का असर अब भी जिले में देखा जा रहा है। अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी इसके असर से बारिश की संभावनाएं बन सकती हैं। अनुमान यह भी है कि इस सप्ताह के अंत तक बारिश की संभावना बन सकती है। बीते 24 घंटों में कई इलाकों में हुई बारिश को मौसम विभाग की ओर से 16.6 मिलीमीटर रिकार्ड किया गया। जिसके साथ ही कम बारिश का आंकड़ा 20 फीसदी से दो अंक घटकर हो गया। हांलाकि कुछ क्षेत्रों से इससे अधिक बारिश भी हुई। जिसके साथ ही अब तक जिले में 532.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हो चुकी है। जो कि 649.7 मिलीमीटर के मुकाबले 18 फीसदी कम है।
अगस्त माह में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से धान,मक्का और गन्ने की फसलों को फायदा हुआ है। हांलाकि नीचाई वाले खेतों में सब्जियों की फसलों को लगातार बनी रहने वाली नमी से थोड़ा नुकसान भी हो रहा है।
