राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए बुधवार को दूसरे दिन भी इंटरव्यू जारी रहा। इस साक्षात्कार के लिए अंतिम दिन दस आवेदकों को बुलाया गया था दो आवेदकों को छोड़कर सभी ने हिस्सा लिया। इन सभी आवेदकों को भी लगभग उन्हीं सवालों का सामना करना पड़ा जिनसे एक दिन पहले बाकी उम्मीदवार जूझ चुके हैं। इंटरव्यू के लिए बिहार के डीजी परेश सक्सेना, यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सत्येंद्र कुमार सिन्हा समेत अन्य ने दावेदारी पेश की। डीआईजी पद से सेवानिवृत्त राजेश पाण्डेय इन दिनों यूपीगीडा के सुरक्षा सलाहकार भी हैं। यूपी के वरिष्ठ आईपीएस राजीव सबरवाल भी मंदिर पहुंचे लेकिन वह इंटरव्यू के लिए आए थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

अब अंतिम तीन नामों पर मंथन चल रहा है। इन तीन नामों में से अंतिम निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों को लेना है। यह ट्रस्टी उसी फैसले पर मुहर लगाएंगे जो संघ परिवार की पसंद होगी। ऐसे में सम्बन्धित अधिकारी की नियुक्ति संघ विचार परिवार के प्रति निष्ठा ही पहली कसौटी होगी। इसके अलावा ट्रस्टियों के साथ कदमताल करते हुए समन्वय बनाने की क्षमता और आम श्रद्धालुओं के प्रति सद्भावना उम्मीदवारी को मजबूत बनाएगी।

फिलहाल साक्षात्कार में शामिल हुए आवेदकों में जो नाम छनकर मीडिया तक पहुंचे हैं, उनकी काबिलियत पर शंका की गुंजाइश न हो लेकिन संघ विचार परिवार के प्रति निष्ठा नकारात्मक पक्ष साबित हो सकती हैं। इसी तरह सेना के रिटायर्ड अफसर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर संघ विचार परिवार के प्रति निष्ठावान हो सकते हैं लेकिन उनकी कार्यशैली से तालमेल बैठाना उतना सरल नहीं होगा जिसकी अपेक्षा होगी। फिर भी साक्षात्कार के लिए आमंत्रित आवेदकों में आईएएस और आईपीएस अफसरों के साथ सेना के रिटायर्ड अफसर भी हैं।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर के ग्रीन हाउस में चले दूसरे दिन के साक्षात्कार में भी सेना के चार अफसरों के शामिल होने की खबर है। इनमें सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सत्येन्द्र कुमार सिन्हा का नाम शामिल है। इसी तरह पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पाण्डेय ने भी बुधवार को अपनी दावेदारी पेश की। डीआईजी पद से सेवानिवृत्त राजेश पाण्डेय इन दिनों यूपीगीडा के सुरक्षा सलाहकार भी हैं। यूपी के वरिष्ठ आईपीएस राजीव सबरवाल भी मंदिर पहुंचे लेकिन वह इंटरव्यू के लिए आए थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

बिहार के पुलिस महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना के भी साक्षात्कार में शामिल होने की खबरें पूरे दिन सुर्खियों में रही। हालांकि वह यहां मंगलवार को ही आ गये थे और पूरे दिन साक्षात्कार स्थल पर मौजूद रहे। चूंकि अभी वह वर्तमान में पद पर कार्यरत हैं। उनकी ओर से भी इसकी पुष्टि नहीं की गई कि वह इंटरव्यू देने आए हैं या सिर्फ दर्शन के लिए। उनके रिटायरमेंट में कुछ माह का समय शेष है।

उन्होंने धार्मिक न्यास समिति के सदस्य संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। डीजी डा. सक्सेना ने राम कुंज कथा मंडप में जाकर पीठाधीश्वर डा. रामानंद दास से भी मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मलूका पीठाधीश्वर स्वामी राजेन्द्र देवाचार्य भी वहां मौजूद रहे। इसके पूर्व उन्होंने मणिराम छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात की।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सीईओ पद के लिए आयोजित साक्षात्कार में हिस्सा लेने आए सभी दावेदारों में बुधवार को रामलला का दर्शन किया। इन सभी को राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा अलग से प्रसाद भेंट किया गया। इसके पूर्व सभी दावेदारों का साक्षात्कार उनके निर्धारित क्रम में ही हुआ। चयनकर्ता के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी व वैज्ञानिक एवं उद्योग पति सुरेश हावड़े ने उनसे अलग-अलग व समूह में सवाल किया और उम्मीदवारों के व्यक्तित्व को जानने व समझने की कोशिश की। दूसरे दिन भी सायंकाल तक साक्षात्कार चलता रहा।

इस साक्षात्कार के लिए यहां पहुंचे अधिकांश दावेदार अपने निजी अथवा टैक्सी से आए थे। इसके कारण इन सभी वाहनों को साक्षात्कार स्थल तक भेजने के बजाय जगद्गुरु शंकराचार्य प्रवेश द्वार के निकट ही पार्क करा दिया गया जबकि कुछ के वाहन बाहर गेट के किनारे खड़े करा दिए गए। पुनः ट्रस्ट के वाहन से उन्हें साक्षात्कार स्थल तक ले जाया गया और साक्षात्कार समाप्त होने पर वापस यथास्थान लाकर छोड़ा गया। वहीं ट्रस्ट के कार्यकर्ता द्वारा प्रसाद का बैग देकर विदा किया गया।

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